हनुमानगढ़। जिले में नीट अभ्यर्थियों ने नीट परीक्षा रद्द किए जाने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतर आए और केंद्र सरकार व नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थी शिक्षण व्यवस्था की प्रतीकात्मक अर्थी लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारी छात्रा निशा खीचड़ ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से एनटीए की कार्यप्रणाली लगातार सवालों के घेरे में रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के मामले सामने आने से मेहनती विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और छात्रों का भरोसा परीक्षा प्रणाली से उठता जा रहा है।अभ्यर्थियों ने कहा कि लाखों छात्र मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। कई विद्यार्थी अपने घर-परिवार से दूर रहकर कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई करते हैं और इस दौरान आर्थिक व मानसिक दबाव भी झेलते हैं। ऐसे में परीक्षा रद्द होने से उनका एक वर्ष प्रभावित हो जाता है, जिससे मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का मनोबल टूट रहा है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने यह भी दावा किया कि नीट विवाद के बाद देशभर में कई विद्यार्थी मानसिक तनाव में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा रद्द होने और भविष्य को लेकर अनिश्चितता के कारण कुछ छात्रों ने आत्महत्या जैसे कदम भी उठाए हैं। अभ्यर्थियों ने ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों को न्याय देने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। छात्रों ने केंद्र सरकार से पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं में शामिल लोगों की निष्पक्ष जांच कराने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
