हनुमानगढ़। सहजीपुरा-करणीसर क्षेत्र में खेत की सिंचाई के लिए तोड़ी गई पाइप लाइन को दोबारा जुड़वाने की मांग को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले जिला कलक्ट्रेट के समक्ष चल रहा पीड़ित किसान परिवार का बेमियादी धरना मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। धरनास्थल पर आयोजित बैठक में आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया गया, जिसके तहत बुधवार को जिला प्रशासन की शवयात्रा निकालकर पुतला दहन किया जाएगा।

किसान सभा पदाधिकारियों ने बताया कि शवयात्रा जिला कलक्ट्रेट के चारों ओर से होते हुए पुन: कलक्ट्रेट परिसर पहुंचेगी, जहां प्रशासन का पुतला दहन किया जाएगा। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि जोधपुर उच्च न्यायालय सहित निचली अदालतों के स्पष्ट आदेशों के बावजूद जिला प्रशासन हठधर्मिता अपनाए हुए है, जिसके विरोध में यह आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों के खेतों में पानी नहीं पहुंचेगा और हाईकोर्ट के आदेशों की पूर्ण पालना नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। किसान नेता रघुवीर वर्मा ने बताया कि उप मजिस्ट्रेट की ओर से पहले ही पाइप लाइन जोड़ने के आदेश जारी किए जा चुके हैं।

इसके बाद जिला सत्र न्यायालय में दायर अपील को अपर जिला न्यायाधीश ने खारिज करते हुए किसान के पक्ष में फैसला सुनाया। इतना ही नहीं, जोधपुर उच्च न्यायालय ने भी मलकीत सिंह, बलविंद्र सिंह एवं मनप्रीत सिंह के पक्ष में निर्णय दिया, लेकिन इसके बावजूद आज तक आदेशों की पालना नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के दबाव में जानबूझकर अदालती आदेशों की अवहेलना की जा रही है। दो बार पुलिस जाप्ता मांगे जाने और तैयार होने के बावजूद प्रशासन टालमटोल कर रहा है, ताकि मामला लंबा खिंच सके। प्रशासन की इस हठधर्मिता के कारण किसान की अब तक तीन फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं, जबकि चौथी फसल भी खतरे में है। किसान सभा ने दो टूक कहा कि जब तक किसान को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन और तेज किया जाएगा।
