– सरकार से मांगी स्पष्ट नीति, कहा-विद्यार्थियों के भविष्य से नहीं होना चाहिए कोई समझौता
हनुमानगढ़। राजस्थान सरकार की ओर से कम नामांकन वाले महात्मा गांधी राजकीय विद्यालयों में हिंदी माध्यम संचालित करने के संबंध में रिपोर्ट मांगे जाने के बाद इस मुद्दे पर प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। राजकीय नेहरू मेमोरियल स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष महेन्द्र कुमार शर्मा ने सरकार से अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों के भविष्य को लेकर स्पष्ट नीति घोषित करने की मांग की है। महेन्द्र कुमार शर्मा ने जारी बयान में कहा कि पिछले कुछ वर्षांे में हजारों विद्यार्थियों और अभिभावकों ने बेहतर शिक्षा की उम्मीद के साथ सरकारी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों पर विश्वास जताया है। यदि इन विद्यालयों की व्यवस्था को कमजोर किया गया तो इसका सीधा असर विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन इसका समाधान अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों को कमजोर करना नहीं है। सरकार को रिक्त पदों पर शिक्षकों की शीघ्र नियुक्ति, पर्याप्त संसाधनों की उपलब्धता, आधुनिक सुविधाओं का विस्तार तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने जैसे कदम उठाने चाहिए। महेन्द्र कुमार शर्मा ने कहा कि सरकार अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों के भविष्य को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करे तथा किसी भी निर्णय से पहले विद्यार्थियों और अभिभावकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे। उन्होंने कहा कि छात्र हितों से कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वह शिक्षा के अवसरों को सीमित करने के बजाय उन्हें और अधिक मजबूत बनाए।
