हनुमानगढ़। सर्व ब्राह्मण महासभा की ओर से बुधवार को दो अलग-अलग मामलों को लेकर जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपे गए। महासभा ने भादरा तहसील के नेठराना निवासी अभिषेक शर्मा हत्याकांड में आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की, वहीं जंक्शन स्थित चाणक्य क्लासेज के संचालक राज तिवारी के खिलाफ छात्रा की ओर से लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग भी उठाई। महासभा जिलाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद शर्मा ने बताया कि गोगामेड़ी थाना क्षेत्र के गांव नेठराना निवासी अभिषेक शर्मा पुत्र रजनीश शर्मा की 10 फरवरी 2026 को अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी थी। घटना को करीब सात माह बीत चुके हैं, लेकिन अब तक आरोपियों का पता नहीं चल पाया है। मामले में एसआईटी का गठन भी किया गया था, इसके बावजूद आरोपियों का सुराग नहीं मिलने की बात महासभा ने ज्ञापन में कही है। ज्ञापन में बताया गया कि समाज के लोग इस मामले को लेकर पूर्व में भी पुलिस अधिकारियों से मिल चुके हैं। इसके अलावा गोगामेड़ी थाने के सामने एक माह से अधिक समय तक धरना भी दिया गया था। महासभा ने हत्या की सभी संभावित पहलुओं से जांच करवाकर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। दूसरे ज्ञापन में जंक्शन स्थित चाणक्य क्लासेज के संचालक राज तिवारी के खिलाफ एक छात्रा की ओर से लगाए गए आरोपों का मामला उठाया गया। महासभा ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच करवाकर वास्तविक तथ्य सामने लाने की मांग की। जिलाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद शर्मा ने कहा कि चाणक्य क्लासेज प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाने वाली पुरानी संस्था है, जहां जिले सहित अन्य क्षेत्रों के विद्यार्थी अध्ययन करते हैं। महासभा ने ज्ञापन में आरोपों को निराधार एवं द्वेषता से प्रेरित होने की आशंका जताई और पुलिस से दोनों पक्षों से जुड़े तथ्यों की निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही बताया कि चाणक्य क्लासेज की ओर से संबंधित पक्षों के खिलाफ महिला पुलिस थाना में परिवाद प्रस्तुत किया गया है। महासभा ने दोनों मामलों में तथ्यों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान चन्द्रभान तिवारी, रामानंद शर्मा, शंकरलाल शर्मा, मदन पारीक, नरेन्द्र सारस्वत, महेन्द्र शर्मा, अनिल शर्मा, मूलचंद शर्मा, लोकराज शर्मा, संतलाल शर्मा, हरिकृष्ण शर्मा, सांवरमल शर्मा, विश्वामित्र शर्मा, वेदप्रकाश शर्मा, द्वारका प्रसाद शर्मा, जगदीश चोटिया, हिमांशु शर्मा, भीमसेन पारीक, सतपाल सिंह, प्यारा सिंह मौजूद रहे।
