चारणवासी। कृषि विज्ञान केंद्र, नोहर द्वारा राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन (तिलहन) के अंतर्गत ग्राम उज्ज्वलवास में सरसों की उन्नत किस्म आरएच-1975 पर प्रक्षेत्र दिवस का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को तिलहन फसलों की आधुनिक खेती तकनीकों एवं उन्नत बीज प्रणालियों से जोड़कर उत्पादन और आय में वृद्धि के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सुरेश चंद कांटवा ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन का मुख्य लक्ष्य देश को खाद्य तेलों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि सरसों की खेती में नवीन तकनीकों को अपनाकर क्षेत्र की उत्पादकता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की जा सकती है। तकनीकी सत्र में सस्य विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. अशोक चौधरी ने जानकारी दी कि उज्ज्वलवास गांव में आरएच-1975 किस्म के समूह अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन आयोजित किए गए, जिनके अंतर्गत किसानों को न केवल उन्नत बीज उपलब्ध कराए गए बल्कि गुणवत्तायुक्त बीजोपचार, समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन तथा कीट एवं रोग नियंत्रण की आधुनिक विधियों का प्रशिक्षण भी दिया गया। उन्होंने बताया कि आरएच-1975 एक उच्च उपज देने वाली किस्म है, जिसकी फसल अवधि लगभग 141 दिन है और अनुकूल परिस्थितियों में यह 27 से 29 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक औसत उत्पादन देने में सक्षम है। इस अवसर पर डॉ. विक्रमजीत सिंह ने कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी। प्रक्षेत्र दिवस के दौरान किसानों ने खेत में लहलहाती फसल का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और वैज्ञानिकों से संवाद कर अपनी शंकाओं का समाधान किया। किसानों ने उत्पादन बढ़ाने से जुड़े वैज्ञानिक सुझावों में विशेष रुचि दिखाई। कार्यक्रम में प्रगतिशील किसान संदीप कुमार, राम सिंह, मदन कुमार, ओमप्रकाश एवं अजय सिंह सहित बड़ी संख्या में पुरुष एवं महिला कृषकों ने सहभागिता की और वैज्ञानिकों द्वारा दी गई जानकारियों की सराहना की।
