– सप्लाई संकट, कार्रवाई और वैट कटौती सहित कई मांगें उठाईं
हनुमानगढ़। राजस्थान पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने प्रदेशभर में 1 जून से हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र भेजकर पेट्रोल पंप डीलरों की समस्याओं का समाधान नहीं होने पर धरना-प्रदर्शन और हड़ताल की घोषणा की है। संभावित हड़ताल को लेकर हनुमानगढ़ जिले सहित प्रदेश में ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र सिंह भाटी ने आरोप लगाया कि लंबे समय से समस्याओं के समाधान के लिए सचिव स्तर पर पत्राचार किया जा रहा है, लेकिन न तो बैठकों का आयोजन किया जा रहा है और न ही फोन, ईमेल या पत्रों का जवाब दिया जा रहा है। डीलर्स का कहना है कि प्रदेश में कई पेट्रोल पंप रोजाना ड्राई हो रहे हैं और आपूर्ति संकट लगातार बढ़ रहा है। आरोप है कि तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की बिक्री की अधिकतम सीमा तय कर दी है। एसोसिएशन के अनुसार इंडियन ऑयल ने डीजल की बिक्री सीमा 50 हजार रुपए और पेट्रोल की 5 हजार रुपए तक तय की है, जबकि भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की ओर से भी पेट्रोल-डीजल वितरण पर सीमाएं तय की गई हैं। तय मात्रा से अधिक बिक्री पर एकतरफा कार्रवाई और नोटिस दिए जाने का आरोप लगाया गया है। डीलर्स ने दावा किया कि यह व्यवस्था कंट्रोल एक्ट-2000 और एमएसएचएसडी एक्ट-2005 का उल्लंघन है। उनका कहना है कि पेट्रोल पंप संचालक किसी भी ग्राहक को ईंधन देने से मना नहीं कर सकते, लेकिन कंपनियों के निर्देशों के कारण विवाद की स्थिति बन रही है। एसोसिएशन ने विधिक माप विज्ञान विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। डीलर्स का आरोप है कि निरीक्षण और कार्रवाई के मामलों को अखबारों में प्रकाशित कर उनकी छवि खराब की जा रही है, जबकि मशीनों के रखरखाव और तकनीकी नियंत्रण की जिम्मेदारी तेल कंपनियों की होती है। उन्होंने पेट्रोल पंपों और तेल डिपो पर फ्लोमीटर लगाने की मांग दोहराई है। ब्रांडेड फ्यूल की बिक्री को लेकर भी डीलर्स ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि सामान्य ईंधन की तुलना में महंगा होने के कारण उपभोक्ता इसकी मांग नहीं करते, लेकिन कंपनियों की ओर से दबाव बनाया जा रहा है। एसोसिएशन ने किसानों को ड्रमों में डीजल आपूर्ति पर रोक को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि बारिश और बुआई सीजन नजदीक है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि उपकरण, इंजन और जनरेटर संचालन के लिए डीजल की मांग बढ़ेगी।
ईंधन का लाखों रुपयों का भुगतान लंबित
राजस्थान पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने सरकारी रैलियों और आयोजनों में उधार दिए गए ईंधन के भुगतान लंबित होने का मुद्दा भी उठाया गया है। डीलर्स ने कहा कि लाखों रुपए बकाया होने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ है। एसोसिएशन ने पेट्रोल और डीजल पर वैट में 5 प्रतिशत कटौती कर पंजाब जैसी दरें लागू करने, सीएनजी दरों में समानता लाने तथा बायोडीजल और बेस ऑयल से जुड़े मामलों में कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं के समाधान के लिए जल्द बैठक नहीं हुई तो 1 जून से प्रदेशभर के पेट्रोल पंप संचालक हड़ताल पर चले जाएंगे।
