
हनुमानगढ़। नए साल 2026 की शुरुआत गुरुवार को कड़ाके की ठंड के साथ हुई। जिले में कई जगह हुई हल्की बूंदाबांदी के बाद से ही बदले मौसम के मिजाज के बीच लगातार दूसरे दिन चली ठंडी हवाओं ने ठिठुरने को मजबूर कर दिया। मावठ के बाद गुरुवार सुबह जिले में कई जगह कोहरा छाया रहा और धुंध की फुहारें बारिश की तरह गिरती रही। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और ठिठुराने वाली तेज हवा चलती रही। ग्रामीण क्षेत्रों में देर तक कोहरे का असर देखा गया। शीतलहर के चलते लोग अलाव तापते नजर आए, वहीं दुपहिया वाहनों से निकलने वाले लोग शरीर को गर्म कपड़ों से अच्छी तरह ढककर बाहर निकले। उत्तरी हवाओं के साथ आई शीतलहर और पश्चिमी विक्षोभ के असर से हुई हल्की बूंदाबांदी से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। लगातार दूसरे दिन सूर्य देव के दर्शन नहीं हुए। इस समय होने वाली बारिश को स्थानीय भाषा में मावठ कहा जाता है। किसानों ने इस बारिश को फसलों के लिए फायदेमंद बताया है। मावठ से पत्तों पर जमी धूल-मिट्टी साफ होगी और फसलों की बढ़वार बेहतर होने की उम्मीद है। 3-4 जनवरी से धुंध में कमी आने और तापमान सामान्य रहने का अनुमान है। उसके बाद 8 से 13 दिसम्बर के बीच एक कमजोर सिस्टम लग सकता है लेकिन भारी बारिश की संभावना नहीं है। मौसम का अनुमान देखा जाए तो इस बार दिसम्बर के बाद जनवरी भी सुखी जा सकती है और मावठ न के बराबर रहेगी। लोहड़ी के बाद 14 से 18 जनवरी के बीच एक बड़ा सिस्टम आने का अनुमान है।

जरूरी कार्य होने पर ही निकलें घर से बाहर
कैनाल कॉलोनी राजकीय चिकित्सालय के डॉ. एमएस बेनीवाल ने बताया कि सर्दी का मौसम चल रहा है। इस समय कड़ाके की सर्दी का दौर चल रहा है। इस मौसम में सर्दी से जुड़ी कई बीमारियां सामने आती हैं। इस मौसम से विशेष रूप से बच्चे और बुजुर्ग प्रभावित होते हैं। वर्तमान में अस्पताल में आने वाले मरीजों में खांसी, जुकाम, बुखार आदि से पीड़ित की तादाद अधिक है। बचाव के उपायों के बावजूद सर्दी की चपेट में आने की संभावना रहती है। उन्होंने बताया कि यदि कोई भयंकर शीतलहर की चपेट में आ भी जाए तो शरीर का तापमान कम हो जाता है। शरीर के अंग सुन्न हो जाते हैं। इलाज न मिलने पर अर्द्धनिद्रा, बेहोशी व सुन्नपन की स्थिति पैदा हो जाती है। आदमी की मौत भी हो सकती है। उन्होंने सलाह दी कि अधिक सर्दी के मौसम में जरूरत होने पर ही घर से बाहर निकलें। खुद को गर्म कपड़ों में लपेटकर रखें। सोते समय अंगीठी-हीटर आदि का प्रयोग न करें।
