-कांशीराम जयंती पर बसपा की जोन स्तरीय जनसभा आयोजित
हनुमानगढ़। बहुजन समाज पार्टी की ओर से रविवार को मान्यवर कांशीराम की 92वीं जयंती पर हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित श्री गुरु रविदास मंदिर में जोन स्तरीय जनसभा व विचार गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में बसपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने कांशीराम के संघर्षपूर्ण जीवन और बहुजन समाज के लिए किए गए योगदान को याद करते हुए उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। मुख्य अतिथि बसपा लोकसभा जोन प्रभारी सीताराम सीला ने कहा कि कांशीराम दलितों, पिछड़ों, महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों में राजनीतिक चेतना पैदा करने वाले मसीहा थे। उन्होंने वंचित समाज को संगठित कर उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया और राजनीति में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जीवनभर संघर्ष किया। उन्होंने बताया कि कांशीराम ने पहले बामसेफ का गठन किया, इसके बाद दलित शोषित समाज संघर्ष समिति (डीएस-4) बनाई और बाद में बहुजन समाज पार्टी की स्थापना कर बहुजन समाज को राजनीतिक ताकत दी।

सीला ने कहा कि कांशीराम पैदल और साइकिल से गांव-गांव जाकर छोटी-छोटी बैठकों के माध्यम से लोगों को जागरूक करते थे। उन्होंने बहुजन समाज को संगठित कर राजनीतिक शक्ति बनने का रास्ता दिखाया। उनके दिए नारे “वोट हमारा, राज तुम्हारा नहीं चलेगा”, “जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी भागीदारी” और “बाबा तेरा मिशन अधूरा, हम सब मिलकर करेंगे पूरा” आज भी बहुजन आंदोलन की पहचान हैं। लोकसभा जोन प्रभारी पुखराज मेघवाल ने कहा कि कांशीराम महान विचारक और वैज्ञानिक सोच वाले नेता थे। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों से प्रेरित होकर उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया। उन्होंने जीवन में तीन प्रण लिए—घर नहीं जाएंगे, शादी नहीं करेंगे और उनके नाम से किसी बैंक में खाता नहीं होगा। इन संकल्पों के साथ वे गांव-गांव जाकर बहुजन समाज को जागरूक करते रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता बसपा जिला अध्यक्ष महावीर सहजीपूरा ने की।

उन्होंने कहा कि कांशीराम ने बहुजन समाज को एक मजबूत राजनीतिक मंच दिया। हमें उनके बताए मार्ग पर चलते हुए बसपा को मजबूत बनाना होगा। विशिष्ट अतिथि प्रेमकुमार नायक ने कहा कि लोकतंत्र में सबसे बड़ी ताकत वोट की होती है और बहुजन समाज को अपनी इस ताकत को समझते हुए संगठित होना चाहिए। इस मौके पर बंशीधर भीमसरिया, धर्मपाल जिलोवा, चंपालाल देशप्रेमी, राधेश्याम सुडा, भजन सिंह घारू, मेजर भूपेंद्र सिंह, देवकरण नायक, दईराम मेघवाल व बींझाराम मेघवाल सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम में प्रेमनाथ सपेरा, मांगीलाल रैगर, रामप्रताप कांवलिया, शैलेंद्र मेघवाल, शंकर नायक, संदीप कुमार पटीर, कालुराम पटीर, ताराचंद परिहार, सुरेंद्र परिहार, निराणा राम मैहरड़ा, फुलाराम कताला, चेतन कालवा, मनोज जाटव, रणजीत बैलाण, हनुमान रैगर, ओंकार भाट, जनकराज बौद्ध, देवराज देपन, शेराराम मेघवाल, रामस्वरूप बौद्ध, जेठाराम मेहरड़ा, गौरव गुघरवाल सहित बड़ी संख्या में बसपा कार्यकर्ता व समर्थक मौजूद रहे।
