– पोषण जागरूकता में किया उत्कृष्ट कार्य, नवम पोषण माह का जिला स्तरीय समारोह
हनुमानगढ़। नवम पोषण माह के अंतर्गत सोमवार को जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ थीम के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम उपनिदेशक कार्यालय के प्रांगण में विभाग के उपनिदेशक प्रवेश सोलंकी की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। समारोह में जिले में पोषण संबंधी गतिविधियों के सफल क्रियान्वयन और उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से इन कार्मिकों को भविष्य में भी फील्ड में सक्रिय रहकर बेहतर कार्य करने तथा अन्य कार्यकर्ताओं और आमजन को पोषण के प्रति जागरूक करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक प्रवेश सोलंकी ने बताया कि पोषण माह के दौरान जिले में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसके तहत जागरूकता रैलियां निकाली गईं और व्यंजन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इन गतिविधियों के माध्यम से लोगों को संतुलित एवं पौष्टिक खान-पान अपनाने, अपनी भोजन शैली में सुधार करने और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने बताया कि पोषण माह के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और महिला पर्यवेक्षकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्मिकों ने पोषण माह से संबंधित डैशबोर्ड पर प्रविष्टियां करने के साथ ही लाभार्थियों को पोषण के महत्व की जानकारी देकर जागरूक किया। उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए जिला स्तरीय समारोह में सम्मानित किया गया। इसका उद्देश्य कार्मिकों का उत्साह बढ़ाने के साथ ही उन्हें भविष्य में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करना रहा। पोषण संबंधी गतिविधियों के सफल क्रियान्वयन के लिए 48 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा समर्पित योगदान के लिए 39 आंगनबाड़ी सहायिकाओं को सम्मानित किया गया। इसके अलावा फील्ड मॉनिटरिंग और उत्कृष्ट पर्यवेक्षण के लिए तीन महिला पर्यवेक्षकों को विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
स्थानीय अनाज को खान-पान में दें प्राथमिकता
सीडीपीओ मीनाक्षी ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए स्थानीय अनाज को बढ़ावा देना जरूरी है। लोगों को फास्ट फूड के बजाय अपने दैनिक खान-पान में स्थानीय अनाज और पौष्टिक खाद्य पदार्थांे को अधिक स्थान देना चाहिए। इससे भोजन की गुणवत्ता में सुधार होगा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के पोषण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक आहार मिलना बेहद महत्वपूर्ण है। गर्भवती महिलाओं को संतुलित एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने से आने वाली संतान के स्वस्थ विकास में मदद मिलती है। कार्यक्रम के माध्यम से पोषण जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाने और स्वस्थ खान-पान की आदतें विकसित करने का संदेश दिया गया। इस मौके पर उपनिदेशक कार्यालय के अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी अनिल सिहाग, मदनलाल सुखीजा, किरण शर्मा तथा सहायक प्रशासनिक अधिकारी मीनाक्षी सहित कार्यालय स्टाफ मौजूद रहा। समारोह में जिले की वरिष्ठ महिला पर्यवेक्षकों, महिला पर्यवेक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने हिस्सा लिया।
