हनुमानगढ़। टाउन की नई धान मंडी में बुधवार को काला दिवस के तहत मजदूर संगठनों ने केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में आमसभा का आयोजन किया। सभा के बाद मजदूरों ने काले झंडे लेकर रैली निकाली और जोरदार नारेबाजी की। यह आयोजन सीटू से जुड़े विभिन्न संगठन एफसीआई लेबर एंड पल्लेदार मजदूर यूनियन, अनाज मंडी पल्लेदार मजदूर यूनियन, राजस्थान स्टेट सीड्स कॉरपोरेशन यूनियन तथा धानका तोला मजदूर संस्थान के तत्वावधान में हुआ। आमसभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के कारण देश का मजदूर वर्ग लगातार संकट में है। आत्मा सिंह, बहादुर सिंह चौहान, बसंत सिंह, जगदीश यादव, संदीप बसोड़, शोपत राम, अरविंद मुंशी और चिरंजीलाल ने कहा कि निजीकरण, ठेकाकरण और श्रम कानूनों में बदलाव से मजदूरों के अधिकारों पर सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने इन नीतियों को मजदूर विरोधी बताते हुए विरोध जताया।

मेजर सिंह, सतपाल मौर्य, संजय सर्राफ, मिथलेश सिंह, श्रीचंद, राकेश बजाज और जगतार सिंह ने कहा कि मजदूरों की एकजुटता ही इन नीतियों का जवाब है। उन्होंने न्यूनतम मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा, स्थायी रोजगार और सम्मानजनक जीवन को मजदूरों का अधिकार बताया। कार्यक्रम का संचालन हरजीराम वर्मा ने किया। सभा के बाद नई धान मंडी से रैली निकाली गई, जिसमें मजदूर शामिल हुए। मजदूरों ने हाथों में काले झंडे लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। रैली मंडी परिसर के विभिन्न मार्गांे से गुजरते हुए आगे बढ़ी, जहां मजदूरों ने अपनी मांगों को दोहराया। सीटू पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
