चारणवासी। किसान आंदोलन का असर कम होते ही उसके दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं। बीती रात से हरियाणा ने नोहर फीडर में पानी की आवक में भारी कटौती कर दी है। जो फीडर एक सप्ताह से 200 क्यूसेक के करीब चल रहा था,वह शनिवार शाम तक फेफाना हेड पर मात्र 40 क्यूसेक रह गया है। बल्कि नहराना हेड से हरियाणा की शैरावाली नहर में 170 क्यूसेक पानी दिया जा रहा है। बता दें कि भगवान हेड पर विभागीय अधिकारियों ने वार्ता के दौरान हरियाणा से पानी दिलाने का सिर्फ ‘प्रयास’ करने का आश्वासन दिया था। उस समय किसान उनकी बातों से संतुष्ट होकर शांत हो गए थे, लेकिन आंदोलन ढीला पड़ते ही अधिकारियों के आश्वासन सवालों के घेरे में आ गए हैं। बीती रात से 100-110 क्यूसेक पानी घटाकर 40 क्यूसेक पानी कर दिया। पानी कम होने से रेगुलेशन में चल रही जनानियां-मलवाणी व खिनानियां वितरिका के किसानों की बारियां बुरी तरह प्रभावित होने लगी हैं। किसानों का साफ आरोप है कि विभागीय अधिकारियों के बीच आपसी सामंजस्य (तालमेल) सही न होने का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि विभाग की कार्यप्रणाली यह साबित करती है कि वह सिर्फ आंदोलन के चलते ही पूरा पानी दिलाता है। ऐसी स्थिति में अब किसानों के पास दोबारा आंदोलन की राह पर चलने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। दूसरी ओर, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि नहराना हेड से पानी बढ़ाकर शाम को 70 क्यूसेक कर दिया गया है और स्थिति में सुधार आएगा। हालांकि, वर्तमान हालात को देखते हुए किसानों में भारी रोष व्याप्त है।
