हनुमानगढ़। पूर्व सांसद श्योपत सिंह की बीसवीं पुण्यतिथि पर गुरुवार को गांव मक्कासर में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने उनके आदर्शांे को याद करते हुए उनके संघर्षां को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इस दौरान हेतराम बेनीवाल को भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सभा को संबोधित करते हुए ग्राम पंचायत प्रशासक बलदेव सिंह ने कहा कि श्योपत सिंह ने जीवनभर किसान और गरीब वर्ग के लिए संघर्ष किया। हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर क्षेत्र में भूमिहीनों को आवास दिलाने के लिए उन्होंने ऐतिहासिक लड़ाई लड़ी। उन्होंने कहा कि आज जरूरत है उनके संघर्षां को जीवित रखने की, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के शोषण और अधिकारों के हनन का डटकर विरोध किया जा सके।

उन्होंने सुझाव दिया कि गांव में श्योपत सिंह के नाम पर एक द्वार बनाया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके योगदान को याद रख सकें। आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष सुभाष मक्कासर ने कहा कि आज भले ही सरकारें विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही हैं, लेकिन क्षेत्र में वास्तविक विकास कार्य पूर्व में किए गए। उन्होंने चौधरी हरीराम मक्कासर के योगदान को याद करते हुए बताया कि वर्ष 1962 में उन्होंने सवा चार मन सोना देकर घग्घर बेल्ट में सेमनाला का प्रबंध करवाया था। उन्होंने बताया कि उस समय देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने चौधरी हरीराम मक्कासर को ‘कुबेर’ की उपाधि दी थी, लेकिन उन्होंने विनम्रता से कहा था कि असली कुबेर जनता है। वक्ताओं ने कहा कि वे मजदूर और किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे और उनके हितों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने आह्वान किया कि श्योपत सिंह के बताए मार्ग पर चलकर ही समाज में समानता और न्याय की स्थापना संभव है। कार्यक्रम में पूर्व प्रधान राजेन्द्र मक्कासर, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मनीष मक्कासर, हंसराज गोदारा, रजीराम भाम्भू, भागीरथ गोदारा, महावीर स्याग, रामरख खीचड़, ओमप्रकाश गोदारा, भोलू नेहरा, सतीश कुमार, जगदीश तंवर, सत्यनारायण शर्मा, गुरदीप सिंह, श्रवण कुमार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
