खुईयां/हनुमानगढ़। भारतीय किसान संघ तहसील खुईयां की बैठक तहसील अध्यक्ष बेगराज शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में भारतीय किसान संघ संभाग के संगठन मंत्री हिराराम का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इस दौरान संगठन को मजबूत बनाने के लिए ग्राम समितियों के गठन और उनकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। बैठक के बाद क्षेत्र के किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ तहसील शाखा खुईयां की ओर से मुख्यमंत्री के नाम उप तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीद प्रक्रिया में आवश्यक संशोधन कर प्रभावी सरकारी खरीद व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई। इसके साथ ही जिला कलेक्टर के नाम भी ज्ञापन देकर क्षेत्र की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग उठाई गई। ज्ञापन में बताया गया कि 3 अप्रैल 2026 को अचानक आए तूफान और ओलावृष्टि से रबी की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। चना, सरसों, गेहूं और ईसबगोल जैसी फसलें प्रभावित हुई हैं। किसान संघ ने मांग की कि सभी प्रभावित गांवों का निष्पक्ष सर्वे कराकर राज्य सरकार और बीमा कंपनी के माध्यम से किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जाए। इसके अलावा वर्ष 2024-25 की खरीफ फसलों के नुकसान का मुआवजा अब तक नहीं मिलने पर भी नाराजगी जताई गई। संघ ने आरोप लगाया कि राजस्व विभाग की गिरदावरी रिपोर्ट में शून्य नुकसान दिखाकर किसानों को उनके हक से वंचित किया गया है। इस मामले की दोबारा जांच कर किसानों को न्याय दिलाने की मांग की गई। ज्ञापन में क्षेत्र में गहराते पेयजल संकट को भी प्रमुख मुद्दा बताया गया। कहा गया कि जल जीवन मिशन के तहत अधूरे और घटिया निर्माण कार्यों के कारण कई गांवों में जल आपूर्ति बाधित है, जबकि गोरखाना, थिराना, ढाणी राईकान, चक मन्दराना, सुरजनसर और कानसर जैसे गांव अब तक योजना से नहीं जुड़े हैं। किसान संघ ने सभी गांवों को शीघ्र योजना से जोड़ने और गर्मी से पहले पेयजल व्यवस्था सुधारने की मांग की। स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का उल्लेख करते हुए बताया गया कि उप तहसील क्षेत्र के 33 गांवों और 7 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के बावजूद यहां मोर्चरी (पोस्टमार्टम कक्ष) की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके कारण लोगों को 50 से 60 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है, जिससे उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ती है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, क्षतिग्रस्त तारों और पोलों को बदलने तथा अधिक भार वाले क्षेत्रों में नए ट्रांसफार्मर लगाने की मांग भी की गई। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में वर्ष 2022 से 2025 के बीच हुई अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया गया। किसान संघ ने आरोप लगाया कि पात्र किसानों को लाभ नहीं मिला, जबकि अपात्र लोगों को गलत तरीके से लाभ दिया गया। इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। इस अवसर पर इन्द्राज स्वामी, इन्द्राज नायक, ओम दास, पूर्णमल, पवन कुमार गिल, राधाकिशन कारेला, मुकेश सिंह राठौड़, रामानंद शर्मा, सतरवीर गिर, रामकुमार सोनी, श्रवण कुमार नेहरा, राकेश कुमार, भूप सिंह राठौड़, फुलचंद पारीक सहित कई किसान और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
