हनुमानगढ़। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में भारी बढ़ोतरी के विरोध में सीटू कार्यकर्ताओं ने शनिवार को देशव्यापी आह्वान के तहत जंक्शन क्षेत्र में लाल चौक के निकट प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का प्रतीकात्मक पुतला दहन कर केन्द्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इससे पहले कार्यकर्ताओं ने पुतले की शवयात्रा निकालकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता हाथों में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के बढ़ाए गए दाम वापस लेने की मांग लिखी तख्तियां पकड़े हुए थे। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर सरकार से उम्मीद थी कि वह मजदूरों और आमजन को राहत देने वाला कोई निर्णय लेगी, लेकिन इसके विपरीत कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी कर मेहनतकश वर्ग को बड़ा झटका दिया गया है। माकपा नेता रघुवीर वर्मा ने कहा कि इस बढ़ोतरी का सीधा असर छोटे व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी वालों, ढाबा संचालकों और चाय-नाश्ते के ठेलों पर काम करने वाले लोगों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पहले जो चाय 15 रुपए में बिकती थी, अब 20 रुपए में बेचने पर भी लागत नहीं निकल पाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार की नीतियां आम आदमी के बजाय बड़े कॉरपोरेट घरानों के हित में काम कर रही हैं। सीटू जिला महासचिव शेरसिंह शाक्य ने कहा कि मजदूर दिवस के दिन कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में करीब 993 रुपए तक की बढ़ोतरी करना अभूतपूर्व है। उन्होंने इसे गरीब और मजदूर वर्ग के लिए गले में फंदा डालने जैसा कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल छोटे व्यवसाय प्रभावित होंगे, बल्कि महंगाई का दबाव बढ़ने से आम उपभोक्ता भी प्रभावित होगा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही यह फैसला वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने आगामी चरण में रेल रोको आंदोलन सहित बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह मुद्दा केवल मजदूरों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे समाज और आम जनता से जुड़ा हुआ है। ऐसे में सरकार को तुरंत जनहित में निर्णय लेकर इस बढ़ोतरी को वापस लेना चाहिए, अन्यथा जनआक्रोश और तेज होगा। इस मौके पर बीएस पेंटर, गुरुप्रेम सिंह, वली शेर, सुल्तान खान, वारिस अली, रिछपाल राठौड़, तरसेम सिंह, ओमप्रकाश, वेद मक्कासर, अनवर खान, सहीराम सहित कई मजदूर और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
