– राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हनुमानगढ़ जिले का प्रतिनिधित्व करेगा विजेता प्रतिभागी
हनुमानगढ़। राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, उदयपुर तथा स्टरलाइट एडइंडिया फाउंडेशन के सौजन्य से शुक्रवार को जिला मुख्यालय स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) परिसर में जिला स्तरीय टीएलएम (शिक्षण-अधिगम सामग्री) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में डीएलएड के भावी शिक्षकों ने प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए विभिन्न विषयों पर शिक्षण-अधिगम सामग्री का निर्माण कर अपनी रचनात्मकता और नवाचार का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में हिंदी एवं गणित विषयों के प्राथमिक स्तर के पाठों के आधार पर प्रतिभागियों को अलग-अलग विषय और टॉपिक दिए गए। प्रतिभागियों ने संख्या ज्ञान, आकृतियों की पहचान तथा अमूर्त अवधारणाओं को बच्चों के लिए सरल और सहज बनाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रकार की टीएलएम तैयार की। आयोजन का मुख्य उद्देश्य भावी शिक्षकों को शिक्षण-अधिगम सामग्री के प्रभावी उपयोग से परिचित करवाना तथा यह समझाना था कि भविष्य में कक्षा शिक्षण के दौरान किस प्रकार टीएलएम के माध्यम से कठिन विषयों को भी बच्चों के लिए आसान बनाया जा सकता है। डाइट प्रिंसिपल मधुबाला पूनिया ने बताया कि टीएलएम निर्माण की मुख्य थीम बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) पर आधारित है। नई शिक्षा नीति भी बच्चों को केवल रटाने के बजाय करके सिखाने और खेल-खेल में सीखने पर जोर देती है। इसी उद्देश्य से भावी शिक्षकों को टीएलएम निर्माण के लिए प्रेरित किया गया, ताकि वे भविष्य में शिक्षक बनने पर गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति को प्रभावी रूप से अपना सकें। इससे बच्चे रटने के बजाय गतिविधियों और शिक्षण सामग्री के माध्यम से विषयों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में तैयार की गई टीएलएम में से सर्वश्रेष्ठ सामग्री का चयन किया जाएगा। जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी को 27 अक्टूबर को उदयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में डाइट हनुमानगढ़ और जिले का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा। पूनिया ने प्रतिभागियों को बेहतर टीएलएम निर्माण के लिए शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि हनुमानगढ़ का प्रतिभागी राज्य स्तर पर भी अच्छा प्रदर्शन करेगा। स्टरलाइट एडइंडिया फाउंडेशन के बीकानेर संभाग के प्रताप सिंह राठौड़ ने बताया कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य भावी शिक्षकों को नवाचार की अवधारणा से परिचित करवाना है। टीएलएम के माध्यम से शिक्षण प्रक्रियाओं को किस प्रकार सरल, रोचक और प्रभावी बनाया जा सकता है, इसका व्यावहारिक अनुभव प्रतिभागियों को दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राजस्थान के विभिन्न जिलों में इस तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। प्रयास है कि 22 अक्टूबर से पहले प्रदेश के सभी 33 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डाइट) में यह आयोजन पूरा कर लिया जाए।
