हनुमानगढ़। जंक्शन क्षेत्र के वार्ड 16, गांधीनगर के निवासी पिछले कुछ समय से सफाई व्यवस्था की बदहाली और निराश्रित पशुओं की बढ़ती समस्या से जूझ रहे हैं। वार्डवासियों का आरोप है कि नगर परिषद की अनदेखी के कारण मुख्य चौक के पास कचरे के ढेर कई दिनों तक पड़े रहते हैं, जिससे क्षेत्र में गंदगी, बदबू और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

स्थानीय लोगों के अनुसार मुख्य चौक पर दिनभर निराश्रित पशुओं, खासकर नंदियों की भरमार रहती है। कचरे में मुंह मारते हुए ये पशु उसे चारों तरफ फैला देते हैं। कई बार नंदियों की आपसी जोर-अजमाइश में आसपास खड़े वाहनों को नुकसान पहुंचा है।

दुकानदारों का कहना है कि लड़ते-झगड़ते पशु कई बार दुकानों और घरों में घुसकर नुकसान भी कर चुके हैं। वार्डवासियों ने बताया कि क्षेत्र से गुजरने वाले बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गां को हर समय हादसे का डर बना रहता है। शाम के समय यहां बच्चे खेलते हैं, लेकिन निराश्रित पशुओं की मौजूदगी के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

तीन-चार दिन तक नहीं उठता कचरा
गांधीनगर निवासी मनोज कुमार और कुन्दनलाल ने बताया कि नगर परिषद की कचरा उठाने वाली गाड़ी कई-कई दिन तक नहीं आती। सफाई कर्मचारी भी सड़क के बीचोंबीच कचरे के ढेर लगा देते हैं, जिससे बदबू फैलती है और बीमारी फैलने का डर सताता रहता है।

शिकायतों के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। वार्ड के मुख्य चौक के पास लगा ट्रांसमीटर बिना सुरक्षा तारबंदी के खुला पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पशुओं और आमजन के करंट की चपेट में आने का खतरा बना हुआ है। लोगों ने इसे जल्द सुरक्षित करने की मांग उठाई है।
अधिकारियों के दौरे पर ही दिखती सफाई
वार्डवासियों का आरोप है कि जब किसी अधिकारी का दौरा होता है तो क्षेत्र में साफ-सफाई कर दी जाती है, लेकिन सामान्य दिनों में मुख्य चौक पशुओं के बाड़े जैसा नजर आता है।

उन्होंने नगर परिषद प्रशासन से मांग की है कि नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, कचरा समय पर उठाया जाए, निराश्रित गोवंश की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए और ट्रांसमीटर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था की जाए या उसे अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे विरोध-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

