हनुमानगढ़। डीसीएस गिरदावरी में लगातार आ रही तकनीकी दिक्कतों और लंबित मांगों को लेकर राजस्थान पटवार संघ के बैनर तले पटवारियों ने शुक्रवार को जिलाध्यक्ष अमर सिंह दहिया के नेतृत्व में जिला कलक्टर को दो ज्ञापन सौंपकर सरकार और राजस्व विभाग के समक्ष अपनी मांगें मजबूती से रखीं। संघ ने चेतावनी दी कि तकनीकी समस्याओं और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो परेशानी और बढ़ेगी। संघ ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन में कहा कि पटवारियों ने मेहनत कर प्रदेश की अधिकांश तहसीलों को ऑनलाइन किया, लेकिन गिरदावरी के लिए बार-बार एप बदलने के बावजूद तकनीकी समस्याएं खत्म नहीं हुईं। लोकेशन आधारित डीसीएस गिरदावरी एप में बार-बार बदलाव और तकनीकी खामियों के चलते फील्ड में काम करना चुनौती बना हुआ है। डिजिटल और जियो नक्शों में अंतर, नक्शों के ओवरलैप, मौके और रिकॉर्ड की स्थिति में भिन्नता तथा नेटवर्क की समस्या भी सामने आ रही है।

संघ ने सर्वेयरों को पर्याप्त प्रशिक्षण देने और उनका लंबित मानदेय समय पर जारी करने की मांग की। पटवार संघ ने तकनीकी या मानवीय भूल से गिरदावरी में होने वाली छोटी-मोटी त्रुटियों के सुधार की व्यवस्था सरल करने की मांग की। संघ ने राजस्व विभाग की ओर से जारी 5 फरवरी 2026 के परिपत्र को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि इससे पटवारियों में भय का माहौल बना हुआ है। ज्ञापन में पटवारी पद को तकनीकी पद घोषित कर पे लेवल-10 देने, कैडर पुनर्गठन, लंबित पदोन्नतियां करने, विभिन्न भत्तों में वृद्धि, ग्रामीण क्षेत्र भत्ता एवं यात्रा भत्ता शुरू करने, स्पष्ट स्थानांतरण नीति लागू करने तथा प्रत्येक पटवार मुख्यालय पर भवन एवं आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की गई। दूसरे ज्ञापन में राजस्व मंडल के अध्यक्ष के नाम ई-धरती पोर्टल से संबंधित समस्याएं उठाई गईं। संघ ने कहा कि नामांतरण दर्ज करने, भू-नक्शा तरमीम और ई-साइन की प्रक्रिया में बदलाव के बाद यह कार्य अत्यधिक जटिल हो गया है। संघ ने प्रक्रिया को सरल बनाने और तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान करने की मांग की। संघ ने बताया कि मांगों के समाधान के लिए कई बार राजस्व मंडल और विभाग को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। समाधान नहीं होने पर 1 अगस्त से डीसीएस गिरदावरी का बहिष्कार किया जा रहा है, जबकि 18 अगस्त से पटवारी कार्यस्थल पर काली पट्टी बांधकर काम कर रहे हैं। संघ ने सरकार से शीघ्र संवाद कर मांगों का समाधान करने की मांग की।
