हनुमानगढ़। गुरु पूर्णिमा के मौके पर भारत विकास परिषद् की ओर से प्रदेशव्यापी गुरुगौरवम् अभियान के तहत बुधवार को नगर इकाई व हनुमानगढ़ संगम शाखा की ओर से शहर के पांच प्रमुख विद्यालयों में गुरु वंदन-छात्र अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा को सशक्त बनाना, विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और गुरु व माता-पिता के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना है। कार्यक्रम के दौरान परिषद् सदस्यों ने प्रत्येक विद्यालय में दो श्रेष्ठ गुरुजनों का सम्मान किया, वहीं शिक्षा, खेल, संस्कृति एवं अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चार-चार विद्यार्थियों का अभिनंदन किया। विद्यार्थियों को माता-पिता के सम्मान एवं सेवा का संकल्प दिलाने के साथ नशामुक्त भारत के निर्माण के लिए नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। परिषद् के विभिन्न सेवा एवं संस्कार आधारित प्रकल्पों की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम के दौरान भारत विकास परिषद् के पदाधिकारियों ने कहा कि गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव भी रखते हैं। उन्होंने बताया कि परिषद् वर्ष 1999-2000 से निरंतर इस कार्यक्रम का आयोजन कर रही है। यह अभियान प्रतिवर्ष देशभर में लाखों विद्यार्थियों तक पहुंचकर उन्हें संस्कारित, उत्तरदायी एवं राष्ट्रनिष्ठ नागरिक बनने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का प्रभावी माध्यम बनेगी। कार्यक्रम के दौरान परिषद् के उद्देश्यों एवं गतिविधियों की जानकारी देने के साथ 31 अगस्त को आयोजित होने वाली भारत को जानो प्रतियोगिता तथा राष्ट्रीय समूह गान प्रतियोगिता की भी जानकारी विद्यार्थियों को दी गई। कार्यक्रमों में भारत विकास परिषद् के राजस्थान उत्तर प्रांत के उपाध्यक्ष ओमसिंह बिजारणिया, गुरु वंदन-छात्र अभिनंदन के प्रांतीय प्रभारी भारतेन्दु सैनी, पवन सरावगी, सहित परिषद् के अन्य पदाधिकारी, सदस्य, गुरुजन, विद्यार्थी, अभिभावक एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
