रावतसर। भारतीय किसान संघ रावतसर तहसील इकाई ने तहसील अध्यक्ष जयवीर गोदारा के नेतृत्व में उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंचकर गेहूं की सरकारी खरीद व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों ने बताया कि गेहूं खरीद के लिए लागू की गई स्लॉट (सलाट) व्यवस्था व्यवहारिक नहीं है। गेहूं की फसल आमतौर पर 10 से 15 दिनों के भीतर धान मंडियों में आ जाती है, जबकि स्लॉट व्यवस्था लंबी अवधि की खरीद के लिए उपयुक्त होती है। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने में अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने यह भी बताया कि हाल ही में हुई बेमौसमी बारिश के कारण गेहूं की चमक कुछ फीकी पड़ गई है और कई जगह दाग भी लग गए हैं। ऐसे में सरकार को गेहूं खरीद के गुणवत्ता मानकों में राहत देनी चाहिए, ताकि किसानों को नुकसान न उठाना पड़े। संगठन के जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह सूडा ने बताया कि स्लॉट बुकिंग के समय बहुत कम मात्रा में गेहूं तुलवाई का पंजीकरण हो रहा है, जिसे बढ़ाकर 16 से 17 क्विंटल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिलों की सीमाएं आपस में लगती हैं, इसलिए सीमा क्षेत्र के किसानों को दोनों जिलों की मंडियों में गेहूं बेचने की अनुमति दी जानी चाहिए। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि बाहर से गेहूं मंगवाकर बेचने वाले व्यापारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही सरसों की तुलवाई के दौरान खाली वारदाने का वजन अधिक तौलने वाले व्यापारियों पर भी कार्रवाई की जाए। इस दौरान सुरेंद्र स्वामी, मदन गोपाल, महेंद्र भाखर, राजा राम स्वामी, विजयपाल सुथार, जतिन, जगदीश सहित कई किसान मौजूद रहे।
