हनुमानगढ़। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद प्रक्रिया को जटिल बनाए जाने के विरोध में किसानों, व्यापारियों और माकपा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिला कलक्ट्रेट का घेराव कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पूर्व व्यवस्था के अनुसार सरल और पारदर्शी खरीद प्रक्रिया लागू करने की मांग की। घेराव-प्रदर्शन में जंक्शन और टाउन के व्यापारी, आढ़ती, किसान और मंडियों में कार्यरत मजदूर शामिल हुए। विरोध के चलते सोमवार को जंक्शन व टाउन अनाज मंडियों में कृषि जिंसों की बोली पूरी तरह ठप रही। प्रदर्शन के दौरान कलक्ट्रेट गेट पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई, जिसमें एक प्रदर्शनकारी सुल्तान खान की उंगली में चोट लगने से खून बहने लगा।

घेराव के बाद कलक्ट्रेट के सामने धरना दिया गया, जहां आयोजित सभा में वक्ताओं ने सरकार की नई खरीद व्यवस्था पर तीखी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार प्रक्रिया को और जटिल बना दिया गया है, जिससे किसानों और व्यापारियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि स्लॉट सिस्टम हटाने का दावा केवल दिखावा है। नई प्रणाली में तकनीकी खामियों के कारण किसान अपने गेहूं की बिक्री नहीं कर पा रहे हैं और मंडियों में खरीद प्रक्रिया लगभग ठप हो चुकी है। उन्होंने बताया कि बायोमेट्रिक प्रणाली और ऑनलाइन पोर्टल में लगातार त्रुटियां आ रही हैं।

कृषि विभाग की ओर से प्रति हेक्टेयर 62 क्विंटल उत्पादन का मानक तय किया गया है, जबकि पोर्टल पर मात्र 10 से 13 क्विंटल ही दर्ज हो रहा है। इस विसंगति के चलते किसानों का आधा या उससे भी कम गेहूं ही समर्थन मूल्य पर बिक पा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि 15 अप्रैल तक मंडियों में चक्का जाम और कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। इसके बाद भी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि तकनीकी खामियों को तुरंत दूर कर गेहूं खरीद प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और सुचारू बनाया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके और मंडियों में सामान्य स्थिति बहाल हो सके।
