हनुमानगढ़। टाउन में बरकत कॉलोनी स्थित फाटक गोशाला में गोमाता के सानिध्य में पहली बार श्री खाटू श्याम बाबा की सत्य स्कंदपुराणोक्त कथा का आयोजन किया जा रहा है। रविवार को कथा के चौथे दिन कथा व्यास केपी लाटा ने अपनी ओजस्वी वाणी से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथा के दौरान उन्होंने महाभारत का प्रसंग सुनाते हुए बर्बरीक की कथा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जब कौरवों और पांडवों के बीच युद्ध आरंभ हुआ, तब बर्बरीक ने कौरवों को सहायता का वचन दिया था। जब यह बात भगवान श्री कृष्ण को ज्ञात हुई, तो उन्होंने बर्बरीक से कौरवों का साथ न देने का आग्रह किया।

वचनबद्ध बर्बरीक के संकल्प को देखते हुए श्री कृष्ण ने उनसे शीश दान स्वरूप मांग लिया। कथा के अनुसार, 14 देवियों के आदेश से बर्बरीक के शीश को अमरत्व का वरदान प्राप्त हुआ। युद्ध देखने की इच्छा पर श्री कृष्ण ने उनके शीश को ऊंची पहाड़ी पर स्थापित कर वरदान दिया कि कलियुग में वे खाटू श्याम के नाम से पूजे जाएंगे और भक्तों के कष्टों का निवारण करेंगे। कथा के दौरान भजनों की सरिता भी बही, जिन पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमते नजर आए। प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक कथा का आयोजन जारी है। इससे पहले रविवार को धार्मिक कार्यक्रम का शुभारम्भ कथा के यजमान अंकुर गर्ग एवं रुचि गर्ग ने विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया। पंडित रामनारायण शास्त्री ने मंत्रोच्चारण के साथ कथा का शुभारंभ कराया। गोशाला अध्यक्ष मुरलीधर अग्रवाल ने बताया कि गोशाला में बीमार, दुर्घटनाग्रस्त एवं असहाय गोवंश के उपचार और संरक्षण के लिए यह कथा आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ की पावन धरा पर बाबा खाटू श्याम की यह पहली कथा है, जो धर्म, भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम है।
