16 मार्च से एसपी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना, 13 मार्च से निकलेगी ‘दलित न्याय यात्रा’
हनुमानगढ़। जिले में दलित समाज पर बढ़ते हमलों और पुलिस की कथित कार्यशैली के विरोध में सोमवार को शहीद भगत सिंह यादगार केंद्र में संघर्ष समिति की बैठक हुई। बैठक में विभिन्न सामाजिक संगठनों और समुदाय के प्रतिनिधियों ने गोलूवाला पुलिस थाने के खिलाफ नाराजगी जताते हुए आंदोलन की रणनीति तय की।वक्ताओं ने आरोप लगाया कि गोलूवाला थाने में दलित समाज के लोगों के साथ लगातार अन्याय और उत्पीड़न की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई बार उच्च अधिकारियों को ज्ञापन देकर मामले से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक किसी भी दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे समाज में आक्रोश बढ़ रहा है। संघर्ष समिति के नेताओं ने आरोप लगाया कि अमरजीत बावरी और रामपाल नायक को पुलिस ने थाने में अवैध रूप से बंद कर उनके साथ मारपीट की। इसके अलावा कथित रूप से गली बंद करने जैसी कार्रवाई भी की गई, लेकिन मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जिले में कई स्थानों पर धरना-प्रदर्शन कर रहे लोगों को भी पुलिस द्वारा उठाकर थाने ले जाया जाता है, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार है।

13 मार्च से निकलेगी ‘दलित न्याय यात्रा’
संघर्ष समिति के अनुसार 13 मार्च से “दलित न्याय यात्रा” निकाली जाएगी। यह यात्रा हनुमानगढ़, टिब्बी और पीलीबंगा तहसील के विभिन्न गांवों और शहर के वार्डों में जाएगी। यात्रा के दौरान नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा।
16 मार्च से एसपी कार्यालय पर धरना
संघर्ष समिति ने निर्णय लिया कि 16 मार्च 2026 से जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय, हनुमानगढ़ के सामने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। दलित न्याय यात्रा भी उसी दिन एसपी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन में शामिल होगी।

ये रहे बैठक में मौजूद
बैठक में रामेश्वर वर्मा, बावरी समाज के अध्यक्ष रविंद्र बावरी, शेर सिंह, रघुवीर, भीम आर्मी के जिला पदाधिकारी, देवीलाल मेघवाल, वेद मक्कासर, सुशील खान, विनोद वर्मा, एडवोकेट सुरेंद्र दहिया, शिव कुमार, प्रधान बस पेंटर अध्यक्ष मदन लाल, अमित शर्मा, रामपाल नायक, विजय कसवां, संदीप, हरदीप, सुभाष चौहान सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
