हनुमानगढ़। जंक्शन स्थित श्रीगंगानगर रोड पर बने डाकघर को मंगलवार को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एहतियातन डाकघर को तुरंत खाली करवा लिया गया और पूरे परिसर को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर सुरक्षा घेरा बना दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंच गईं। जानकारी के अनुसार, डाकघर को ई-मेल के माध्यम से बम धमकी मिलने की सूचना मिली थी। संदेश में दोपहर करीब एक बजे गैस बम से विस्फोट करने की चेतावनी दी गई थी।

धमकी भरा ई-मेल कथित रूप से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के नाम से भेजा गया बताया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों ने सबसे पहले डाकघर के अंदर मौजूद कर्मचारियों और आम लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद मुख्य गेट पर ताला लगाकर पूरे परिसर को सील कर दिया गया। भीड़भाड़ वाले इलाके में स्थित इस डाकघर के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया और आसपास के क्षेत्र में लोगों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जाने लगी।

सुरक्षा के मद्देनजर एंबुलेंस और दमकल विभाग की गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गईं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। हालांकि घटना के दौरान श्रीगंगानगर रोड पर यातायात सामान्य रूप से चलता रहा, लेकिन पुलिस ने सतर्कता बरतते हुए पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी। आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों को भी सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस टीमों ने डाकघर परिसर और आसपास के इलाके की गहन जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, प्रदेश के कई जिलों में स्थित पासपोर्ट कार्यालयों को भी इसी प्रकार के ई-मेल के जरिए बम धमकी मिलने की जानकारी सामने आई है।

इससे सुरक्षा एजेंसियां और अधिक सतर्क हो गई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर बीकानेर से बम निरोधक दस्ता भी बुलाया जा सकता है ताकि डाकघर परिसर की तकनीकी जांच कराई जा सके। गौरतलब है कि हनुमानगढ़ में इससे पहले भी जिला कलेक्ट्रेट को बम धमकी मिलने की घटना सामने आ चुकी है। उस समय भी प्रशासन ने एहतियातन कलेक्ट्रेट भवन को खाली करवाकर बम निरोधक दस्ते से जांच करवाई थी, हालांकि उस मामले में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली थी। फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं।

ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने और धमकी के पीछे की सच्चाई सामने लाने के लिए तकनीकी जांच भी शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें। सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है।
