हनुमानगढ़। अग्रवाल समाज समिति द्वारा महाराजा अग्रसेन भवन में आयोजित फागुन मिलन महोत्सव ने रंग, भक्ति और सांस्कृतिक परंपराओं का अद्भुत समां बांध दिया। कार्यक्रम में हर आयु वर्ग के लोग उत्साहपूर्वक शामिल हुए और फागुन के रंगों में सराबोर नजर आए। आकर्षक सजावट, रंग-बिरंगी रोशनी, सांस्कृतिक झांकियों, रासलीला, फूलों की होली और डांडिया की थाप ने माहौल को पूर्णतः उत्सवमय बना दिया। कार्यक्रम की शुरुआत महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके पश्चात सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का दौर प्रारंभ हुआ, जिसमें वृंदावन की रासलीला, फूलों की होली और पारंपरिक फाग गीतों की मनोहारी झांकियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में समूह नृत्य प्रस्तुत कर विशेष आकर्षण पैदा किया। डांडिया की ताल पर सभी ने नृत्य किया और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर फागुन की शुभकामनाएं दीं। मुख्य अतिथि विधायक गणेश राज बंसल की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई।

उन्होंने समाज की एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजने के लिए समिति की सराहना की। विशिष्ट अतिथि पीलीबंगा एसडीएम उमा मित्तल, बीएसएनएल के एजीएम अश्वनी गर्ग, समाजसेवी एडवोकेट राजकुमार बंसल एवं डॉ. पी.सी. बंसल ने भी आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की। भजन गायक दीपक गर्ग ने मधुर भजनों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया, जबकि डांडिया विशेषज्ञ दीपाली यादव और ईशु जुनेजा की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान आकर्षक उपहारों का वितरण भी किया गया, जिससे प्रतिभागियों का उत्साह और बढ़ गया। समिति अध्यक्ष इंजी. सुभाष बंसल ने कहा कि फागुन मिलन महोत्सव समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और एकता को सुदृढ़ करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए सभी पदाधिकारियों एवं समाजजनों का आभार व्यक्त किया। आयोजन को सफल बनाने में वरिष्ठ उपाध्यक्ष आर.के. गर्ग, उपाध्यक्ष अनिल बंसल, सचिव तरसेम जिंदल, उपसचिव महावीर बंसल, प्रचार मंत्री मुकेश मित्तल, कोषाध्यक्ष आशीष गोयल, विधि मंत्री दिनेश गुप्ता, संगठन मंत्री सुरेश मित्तल सहित सभी सदस्यों का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन मुकेश मित्तल ने किया। इस अवसर पर शहर के अनेक गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों सहित हजारों की संख्या में महिला-पुरुषों और बच्चों की उपस्थिति रही। पूरे आयोजन ने सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का प्रभावी संदेश दिया।
