हनुमानगढ़। शहर में समाजसेवा की प्रेरणादायक मिसाल सामने आई, जब ‘बेटी बचाओ, बेटी अपनाओ, बेटी पढ़ाओ’ मुहिम के तहत गोद ली गई बेटी रितुबाला के विवाह अवसर पर उसे सहयोग प्रदान किया गया। यह पहल न केवल एक बेटी के जीवन को संवारने का प्रयास है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच और जिम्मेदारी का मजबूत संदेश भी देती है। मुहिम से जुड़े महक गर्ग ने बताया कि इस पहल की शुरुआत इस सोच के साथ की गई थी कि समाज में कोई भी बेटी खुद को अकेला या असहाय महसूस न करे। उन्होंने कहा कि बेटी को गोद लेना केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक भावनात्मक रिश्ता है, जिसे जीवन के हर महत्वपूर्ण पड़ाव चाहे शिक्षा हो या विवाह तक निभाया जाता है। मुहिम के तहत अब तक करीब 2000 बेटियों को गोद लिया जा चुका है। इनमें से लगभग 600 से 700 बेटियों के बैंक खाते जनसहयोग से खुलवाए गए हैं, जिससे उनके भविष्य को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है। रितुबाला को ‘बेटी बचाओ’ खाते से 14490 रुपए की परिपक्व राशि भेंट की गई, जो उसके नए जीवन की शुरुआत के लिए आर्थिक आधार बनेगी। मुहिम सदस्य मधुसूदन शर्मा ने बताया कि लायंस क्लब हनुमानगढ़ सिटी ने भी बेटी के विवाह के लिए ‘भात’ के रूप में आवश्यक घरेलू सामान उपलब्ध करवाया। यह सहयोग एक नए गृहस्थ जीवन की शुरुआत के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। मुहिम से जुड़े हरीश जगवानी ने कहा कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब बेटियों को समान अवसर और सम्मान मिले। उन्होंने सभी से बेटियों को शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए आगे आने का आह्वान किया। वहीं लायंस क्लब सिटी के संरक्षक राधाकृष्ण सिंगला ने इस पहल को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं। इस मौके पर अजय सर्राफ, साहिल जिंदल, बनीत गर्ग, मनोज सिंगला, राजेश दादरी, योगेश गुप्ता सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने रितुबाला को आशीर्वाद देते हुए उसके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की। कार्यक्रम के अंत में सभी ने संकल्प लिया कि वे इस मुहिम को और अधिक मजबूत बनाएंगे और बेटियों के सम्मान, सुरक्षा व शिक्षा को प्राथमिकता देंगे।
