हनुमानगढ़। मकर संक्रान्ति या अन्य पर्व पर जिले में पतंगबाजी में चाइनीज मांझा, प्लास्टिक व अन्य सिंथेटिक पदार्थ से बना मांझा या जहरीले पदार्थ जैसे लोहा, ग्लास इत्यादि के धागों का उपयोग किया जाता है, जो पक्षियों व मानव जीवन के लिए संकटापन्न है। इससे ना केवल बड़ी संख्या में पक्षी घायल होते है बल्कि सड़क पर पैदल चलने वाले और दुपहिया वाहन पर चलने वाले राहगीरों का जीवन भी संकटापन्न हो जाता है। इस तरह के पशु-पक्षी और मानव जीवन के लिए खतरनाक मांझों के निर्माण/विपणन एवं उपयोग पर प्रभावी रोकथाम के उपाय किया जाना आवश्यक है। मकर सक्रान्ति एवं अन्य अवसरों पर लोग भारी संख्या में पतंग उड़ाते है. जिससे यह खतरा और अधिक बढ़ जाता है। ऐसे मांझो के क्रय-विक्रय भण्डारण व उपयोग को निषेध किया जाना अत्यन्त आवश्यक है। चूंकि चाईनीज मांझा विभिन्न धातुओं के मिश्रण से निर्मित होने से धारदार तथा विद्युत का सुचालक होता है, जिसके उपयोग के दौरान दोपहिया वाहन चालकों तथा पक्षियों को अत्यधिक जान-माल का नुकसान होना संभाव्य है, साथ ही विद्युत सुचालक होने के कारण विद्युत तारों से सम्पर्क में लाने पर विद्युत प्रवाह होने से पतंग उड़ाने वाले को भी नुकसान पहुंचाना एवं विद्युत सप्लाई में बाधा उत्पन्न होना भी संभाव्य है। इस समस्या व खतरे के निवारण हेतु यह आवश्यक है कि चाईनीज मांझे/प्लास्टिक व अन्य सिन्थेटिक पदार्थ से बने मांझे का निर्माण, विपणन व उपयोग को निषेध किया जाए। स्वायत्त शासन विभाग द्वारा पूर्व के परिपत्रों को सन्दर्भित करते हुए आयुक्त/अधिशाषी अधिकारी नगर निगम / नगरपरिषद /नगरपालिका को माननीय उच्च न्यायालय राज खण्डपीठ, जयपुर द्वारा डी.बी सिविल रिट पिटीशन न. 12793/2011 महेश अग्रवाल बनाम राजस्थान राज्य व अन्य आदेश में यह आदेश दिया है कि प्रातः 6.00 बजे से 8.00 बजे तक व सायं 5.00 बजे से 7.00 बजे की अवधि तक सभी प्रकार की पतंगबाजी पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगी एवं चाईनीज मांझे/प्लास्टिक व अन्य सिन्थेटिक पदार्थ से बने मांझे का निर्माण, विपणन व उपयोग पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया गया है। अतः गृह (ग्रुप-9) विभाग, राजस्थान सरकार के परामर्शदात्री द्वारा दिए निर्देशों में तथा लोक स्वास्थ्य सुरक्षा, एवं पशु-पक्षियों की जान के खतरे तथा विद्युत प्रसारण को बाधा रहित बनाये रखने हेतु जिला कलेक्टर एवं मजिस्ट्रेट डॉ. खुशाल यादव ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए प्रातः 6.00 बजे से 8.00 बजे तक व सायं 5.00 बजे से 7.00 बजे की अवधि में सभी प्रकार की पतंगबाजी पर पूर्ण रूप से प्रतिबंधित लगाया है एवं चाईनीज मांझे/प्लास्टिक व अन्य सिन्थेटिक पदार्थ से बने मांझे का निर्माण, विपणन व उपयोग पूर्ण हनुमानगढ़ जिले की राजस्व सीमा/क्षेत्राधिकार में पूर्ण रूप से निषेध / प्रतिबंधित करने के आदेश दिए है।यह आदेश 27 दिसम्बर से आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा। सभी नागरिकों को इस आदेश की पालना करने तथा अवहेलना नहीं करने के निर्देश दिए गए है। निषेधाज्ञा की अवहेलना या उल्लंघन किए जाने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दण्डित किया जाएगा।
