टिब्बी। जोधपुर विद्युत वितरण निगम (डिस्कॉम) के निजीकरण के विरोध में बुधवार को टिब्बी में बिजली विभाग के कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। जोधपुर विद्युत वितरण निगम संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर कर्मचारियों ने एकजुट होकर राज्य सरकार की निजीकरण नीति के खिलाफ आवाज बुलंद की और स्पष्ट किया कि वे किसी भी कीमत पर डिस्कॉम का निजीकरण स्वीकार नहीं करेंगे। संघर्ष समिति के निर्णय के तहत कर्मचारियों ने कार्यस्थल पर काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। यह विरोध प्रदर्शन 27 मार्च तक जारी रहेगा। कर्मचारियों का कहना है कि यदि सरकार ने अपने फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान संघर्ष समिति के प्रतिनिधि चंद्र मोहन और हमीर सिंह ने उपस्थित कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि डिस्कॉम का निजीकरण न तो आम जनता के हित में है और न ही कर्मचारियों के भविष्य के लिए उचित है। उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों से जोधपुर डिस्कॉम लगातार लाभ की स्थिति में चल रहा है, इसके बावजूद सरकार निजीकरण की दिशा में कदम बढ़ा रही है, जो पूरी तरह तर्कहीन है। उन्होंने कहा कि निजीकरण से बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ सकता है और कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। इसलिए सभी कर्मचारियों ने एकजुट होकर इस फैसले का विरोध करने का संकल्प लिया है। इस दौरान सहायक अभियंता दिनेश कुमार, जेईएन दिनेश मीणा, जेईएन शिल्पी रानी, एएओ महेंद्र जैन, एएओ संदीप मीना, इंजीनियर सुपरवाइजर शिवनरेश मीणा सहित महेश कुमार, संदीप मान, अनुज जांदू, महेंद्र कुमार, सचिन मीणा, गुरुसेवक सिंह, मोहन बुकन, सरोज कुमारी और अमनदीप कुमारी सहित कार्यालय के सभी अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
