– निर्माण कार्यां, पट्टा प्रकरणों और वित्तीय लेन-देन में अनियमितताओं का आरोप
हनुमानगढ़। ग्राम पंचायत धौलीपाल में कथित वित्तीय अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और पट्टा प्रकरणों में गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर जिला कलक्टर के आदेशानुसार गठित की गई कमेटी की ओर से की जा रही जांच की गति में तेजी लाने की मांग शिकायकर्ताओं की ओर से की गई है। शिकायत में ग्राम पंचायत के पिछले दो वर्षांे के निर्माण कार्यां, भुगतान, स्वामित्व योजना, पट्टा आवंटन और विभिन्न योजनाओं के आय-व्यय की विस्तृत जांच कराने का आग्रह किया गया है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि ग्राम पंचायत में प्रशासक और ग्राम विकास अधिकारी की ओर से पद का दुरुपयोग करते हुए बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताएं की गई हैं। शिकायत में अप्रैल 2025 से 28 फरवरी 2026 तक के सभी योजनागत खर्चांे, केस बुक, बिल-वाउचर, मस्टरोल, स्वीकृतियों, तकनीकी स्वीकृतियों तथा कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्रों की जांच कराने की मांग की गई है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पूर्व में कुछ ग्रामीणों को कथित अवैध पट्टों के संबंध में नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन बाद में कथित रूप से लेन-देन के आधार पर कुछ मामलों को नियमित करने का प्रयास किया गया। स्वामित्व योजना के नक्शों में नाम दर्ज करने को लेकर भी अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत मुख्यालय पर एक निजी व्यक्ति द्वारा सरकारी कार्यांे में हस्तक्षेप किया जाता है तथा स्वामित्व योजना और पट्टा संबंधी मामलों में प्रभाव डाला जा रहा है। मामले में संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज कर जांच कराने की मांग की गई है। इसके अलावा पंचायत समिति मद से स्वीकृत राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्राथमिक अनुभाग में शेड निर्माण तथा ओपन जिम निर्माण कार्य में वित्तीय और तकनीकी अनियमितताएं बरतने के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार शेड निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ, जबकि राशि खर्च दर्शाई गई है। वहीं ओपन जिम के उपकरण बिना निविदा प्रक्रिया के खरीदे जाने और अधिक राशि के बिल प्रस्तुत करने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी कहा कि पूर्व में दर्ज शिकायतों पर गठित जांच समितियों में उन्हीं अधिकारियों को शामिल किया गया, जिनके कार्यांे पर सवाल उठाए गए हैं। ऐसे में निष्पक्ष जांच की संभावना प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। उन्होंने लेखा, तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर स्वतंत्र जांच दल गठित करने की मांग की है। गांव धौलीपाल निवासी शिकायतकर्ता आशीष कुमार ने बताया कि उन्होंने जनसुनवाई में जिला कलक्टर को लिखित शिकायत देकर सरपंच और सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उनका आरोप है कि निर्माण कार्यांे और मनरेगा से जुड़े मामलों में फर्जी बिलों के माध्यम से बड़ी वित्तीय अनियमितताएं की गई हैं। उन्होंने कहा कि जिला कलक्टर की ओर से जांच समिति गठित की गई है, लेकिन जांच प्रक्रिया में तेजी लाने की आवश्यकता है। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि उनके पास कथित अनियमितताओं से जुड़े दस्तावेज और साक्ष्य उपलब्ध हैं।
