हनुमानगढ़। जिला मुख्यालय स्थित अधिवक्ता चैम्बर ए ब्लॉक में बार संघ हनुमानगढ़ द्वारा आयोजित होली स्नेह मिलन समारोह हर्षोल्लास और पारंपरिक रंगों के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं ने एक साथ सहभागिता करते हुए सौहार्द, आपसी सम्मान और सहयोग की भावना को और अधिक मजबूत करने का संदेश दिया। रंग, गुलाल और चंग की थाप के बीच देर तक उत्सवी माहौल बना रहा, जिसने कार्यक्रम को स्मरणीय बना दिया।

समारोह में जिला एवं सत्र न्यायाधीश तनवीर चौधरी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक पराशर, विशिष्ट न्यायाधीश एनडीपीएस पृथ्वीपाल सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुनीता, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रविप्रकाश बाकोलिया, न्यायिक मजिस्ट्रेट मीनाक्षी अग्रवाल तथा ग्राम न्यायालय न्यायाधिकारी अविनाश ने गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। बार संघ के पदाधिकारियों ने न्यायिक अधिकारियों का गुलाल लगाकर और पुष्पमालाओं से स्वागत किया। बार संघ अध्यक्ष रोहित खिच्ची ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि होली स्नेह मिलन का मुख्य उद्देश्य बार और बैंच के बीच मधुर व सुदृढ़ संबंधों को बढ़ावा देना है।

उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था की मजबूती अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों के बीच आपसी सम्मान, संवाद और सहयोग पर निर्भर करती है। इसी भावना को साकार करने के लिए बार संघ द्वारा प्रतिवर्ष यह आयोजन किया जाता है, जिसमें सभी सदस्य एक परिवार की तरह सम्मिलित होते हैं। समारोह के दौरान न्यायिक अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। पारंपरिक चंग की थाप पर फाग गीतों की प्रस्तुति ने वातावरण को उत्साह और उल्लास से भर दिया। रंगों की बौछार, लोक संगीत और सामूहिक सहभागिता ने कार्यक्रम को सांस्कृतिक गरिमा के साथ जीवंत बना दिया। उपस्थित सदस्यों ने सामाजिक समरसता, भाईचारे और सौहार्द का संदेश देते हुए होली पर्व की सार्थकता को रेखांकित किया।

कार्यक्रम में बार संघ के उपाध्यक्ष गुरदेव सिंह थिंद, सचिव हेमराज वधवा, कोषाध्यक्ष मोहित चौधरी, पुस्तकालय अध्यक्ष ध्रुव कुमार सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से न्यायिक गरिमा, सहयोग और पारस्परिक सम्मान के साथ कार्य करने का संकल्प दोहराया। अंत में बार संघ की ओर से सभी अतिथियों और सदस्यों का आभार व्यक्त किया गया। सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए इस होली स्नेह मिलन समारोह ने न केवल आपसी संबंधों को प्रगाढ़ किया, बल्कि न्यायिक प्रणाली में विश्वास, सहयोग और मानवीय मूल्यों को भी सुदृढ़ करने का प्रेरक संदेश दिया।
