– 15 दिन में कई वारदातें, पुलिस गश्त और अस्थाई चौकी की मांग- खाली मकानों में उगी झाड़ियां बनी परेशानी, सफाई व्यवस्था भी बदहाल
हनुमानगढ़। जंक्शन में अबोहर मार्ग स्थित जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय के पास बनी न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी इन दिनों चोरी की लगातार हो रही वारदातों और बदहाल सफाई व्यवस्था के कारण परेशानी का सामना कर रही है। कॉलोनी में सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से आए दिन चोरी की वारदातें हो रही हैं। बुधवार को कॉलोनीवासियों ने सुरेशिया चौकी प्रभारी विजेन्द्र नेहरा से मुलाकात कर चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने, पुलिस गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। कॉलोनीवासी सुरेन्द्र सिल्लू ने बताया कि न्यू हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में पिछले करीब 15 दिनों से लगातार चोरी की वारदातें हो रही हैं। मंगलवार को दिनदहाड़े सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच दो घरों के ताले टूट गए। इससे पहले सोमवार को भी एक घर में चोरी की वारदात हुई थी।

अज्ञात चोर घरों से नकदी, जेवरात, पानी की मोटर, सिलेंडर सहित अन्य सामान चोरी कर ले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि चोरी की घटनाओं को लेकर कई बार पुलिस प्रशासन को लिखित में अवगत करवाया गया, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में रोष है। चोरी की घटनाओं और असुरक्षा के चलते कई लोग क्षेत्र से पलायन भी कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि कॉलोनीवासियों की ओर से कमेटी बनाकर क्षेत्र में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन प्रशासन का अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा। उन्होंने सुझाव दिया कि मेडिकल कॉलेज और कन्या नर्सिंग कॉलेज को देखते हुए कॉलोनी के नजदीक अस्थाई पुलिस चौकी स्थापित की जाए तो चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है। सुरेन्द्र सिल्लू ने बताया कि बुधवार को कॉलोनीवासी चोरी की वारदातों के संबंध में सुरेशिया पुलिस चौकी पहुंचे थे। इसी दौरान पीछे से सूचना मिली कि चोर दोबारा कॉलोनी में चोरी करने पहुंचे हैं। इस पर लोग मौके पर पहुंचे और एक संदिग्ध को पकड़ लिया, लेकिन वह लोगों को चकमा देकर वहां से भागने में सफल रहा। इस घटना के बाद कॉलोनीवासियों ने पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग और तेज कर दी।
हजारों फ्लैट, कई खाली, झाड़ियों से जहरीले जीवों का खतरा
कॉलोनीवासी राकेश झाझड़ा ने बताया कि न्यू हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में करीब 500 स्वतंत्र आवास और करीब 3 हजार फ्लैट बने हुए हैं। इनमें कई फ्लैट और मकान खाली पड़े हैं और उनकी लंबे समय से सार-संभाल नहीं हो रही। खाली मकानों और फ्लैटों में झाड़-झंखाड़ उग गया है, जिससे जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना हुआ है। कई बार ये जीव लोगों के घरों में घुस जाते हैं। उन्होंने बताया कि सुरक्षा और सुविधाओं के अभाव में कई लोग अपने मकान बेचकर अन्य स्थानों पर चले गए हैं। उन्होंने राजस्थान आवासन मंडल के अधिकारियों से मांग की कि खाली पड़े मकान एवं फ्लैट के मालिकों को नोटिस देकर साफ-सफाई करवाने के लिए पाबंद किया जाए। यदि मालिक सफाई नहीं करवाते हैं तो उनसे राशि वसूल कर खाली परिसरों की सफाई करवाई जाए।
नियमित सफाई और नालियों की सफाई नहीं
कॉलोनीवासी भगवती प्रसाद ने बताया कि न्यू हाउसिंग बोर्ड का क्षेत्र शहर के अन्य हिस्सों से अलग होने के कारण यहां नगर परिषद की ओर से नियमित सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई जा रही हैं। क्षेत्र में पुलिस गश्त भी नहीं होती। नालियों की सफाई के लिए भी कोई कर्मचारी नियमित रूप से नहीं आता। उन्होंने बताया कि नगर परिषद की ओर से यह कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ा जाता है कि क्षेत्र उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि न्यू हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र शहरी क्षेत्र में शामिल नहीं है तो जनप्रतिनिधि यहां लोगों से वोट मांगने क्यों आते हैं। उन्होंने कहा कि शहर के अन्य हिस्सों में सफाई व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है, लेकिन न्यू हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र को उपेक्षित छोड़ दिया गया है। कॉलोनीवासियों ने बताया कि क्षेत्र में करीब एक हजार घरों में लोग रहते हैं, लेकिन मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने प्रशासन, नगर परिषद और राजस्थान आवासन मंडल से क्षेत्र की संयुक्त रूप से स्थिति की समीक्षा कर नियमित सफाई, नालियों की सफाई, खाली मकानों की देखभाल और प्रभावी पुलिस गश्त की व्यवस्था करने की मांग की। साथ ही चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कॉलोनी के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गई।
