हनुमानगढ़। जिले में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बीते 24 घंटों के दौरान अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे मुरझा रही फसलों को नया जीवन मिला है। वहीं तापमान में गिरावट आने से मौसम में फिर से ठंडक बढ़ गई है। दो दिन पहले तक फरवरी माह में अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस पहुंचने से गेहूं और चना की फसलों पर विपरीत असर पड़ रहा था और किसान चिंता में थे, लेकिन मौसम के बदले रुख से किसानों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौट आई है। अचानक हुई इस बारिश से गेहूं और चना की फसलों को नमी मिली है, जिससे उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

मौसम में आई ठंडक ने फरवरी की असमय गर्मी से राहत दिलाई है। मंगलवार सुबह तेज हवाओं के साथ शुरू हुआ बारिश का दौर देर रात तक जारी रहा। जिले में कई स्थानों पर मेघगर्जन और बिजली चमकने के साथ हल्की से मध्यम तथा कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश हुई। रावतसर, नोहर-भादरा तहसील के कुछ गांवों में बारिश के साथ बेर के आकार के ओले भी गिरे, जिससे मौसम और भी ठंडा हो गया। बुधवार को भी जिले के अधिकतर इलाकों में बादल छाए रहने से ठंडक का असर रहा। जिला कलक्टर कार्यालय से बुधवार सुबह जारी रिपोर्ट के अनुसार जिले में कुल 133 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

हनुमानगढ़ में 12 एमएम, डबलीराठान में 7 एमएम, नौरंगदेसर में 2 एमएम, पीलीबंगा में 2 एमएम, संगरिया में 7 एमएम, ढाबां में 2 एमएम, टिब्बी में 4 एमएम, तलवाड़ा झील में 3 एमएम, रावतसर में 8 एमएम, पल्लू में 24 एमएम, नोहर में 20 एमएम, रामगढ़ में 16 एमएम, खुइयां में 9 एमएम, फेफाना में 6 एमएम, भादरा में 3 एमएम, छानीबड़ी में 6 एमएम, और डूंगराना में 2 एमएम बारिश दर्ज की गई।

मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के अनुसार राजस्थान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पिछले 24 घंटों के दौरान कई जिलों में मौसम ने करवट ली है। बीकानेर, जयपुर, भरतपुर, अजमेर और कोटा संभाग के कुछ भागों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। पश्चिमी राजस्थान में सर्वाधिक बारिश पल्लू (हनुमानगढ़) क्षेत्र में 24 एमएम दर्ज की गई, जबकि पूर्वी राजस्थान के नारायणा (जयपुर) में 27 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार गुरुवार से अगले 5-6 दिनों तक प्रदेश के अधिकांश भागों में मौसम मुख्यत: शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि 19 फरवरी को पूर्वी राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं।
