हनुमानगढ़। श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय, हनुमानगढ़ अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। अब विदेशों के विद्यार्थी भी उच्च शिक्षा के लिए इस विश्वविद्यालय का चयन कर रहे हैं। इसी क्रम में पापुआ न्यू गिनी के तीन छात्रों ने एसकेडी विश्वविद्यालय में प्रवेश लेकर विश्वविद्यालय की वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई दी है। एडविन ने बीएससी फॉरेंसिक साइंस, बोन्नी कैरेन ने बीए एलएलबी तथा जॉर्डन आपा ने बीकॉम पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया है। विश्वविद्यालय की इंटरनेशनल रिलेशन्स एवं एडमिशन आउटरीच सेल ने विदेशी छात्रों को भारत में अध्ययन के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार मार्गदर्शन और काउंसलिंग प्रदान की। विश्वविद्यालय परिसर पहुंचने पर तीनों विदेशी छात्रों का भारतीय संस्कृति के अनुरूप राजस्थानी साफा पहनाकर, पुष्पगुच्छ और स्मृति-चिह्न भेंट कर स्वागत किया गया। विश्वविद्यालय के संस्थापक बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि एसकेडी विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल देश के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना नहीं, बल्कि भारत को वैश्विक शिक्षा केन्द्र बनाने के राष्ट्रीय संकल्प में सक्रिय भागीदारी निभाना भी है। उन्होंने कहा कि विदेशी छात्रों का प्रवेश इस बात का प्रमाण है कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और शोध संस्कृति को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी स्वीकार्यता मिल रही है। विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन वरुण यादव ने कहा कि आज उच्च शिक्षा पूरी तरह वैश्विक हो चुकी है। ऐसे समय में विदेशी छात्रों का विश्वविद्यालय से जुड़ना बड़ी उपलब्धि है। विश्वविद्यालय छात्र-छात्राओं को केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि वैश्विक दृष्टिकोण, नेतृत्व क्षमता, नवाचार की सोच और रोजगारपरक कौशल भी प्रदान कर रहा है। विश्वविद्यालय के प्रबंध निदेशक दिनेश कुमार जुनेजा ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय सहयोग, छात्र एवं शिक्षक विनिमय कार्यक्रम, संयुक्त शोध परियोजनाओं और वैश्विक साझेदारियों को लगातार विस्तार दे रहा है। आने वाले समय में विश्व के कई प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के साथ अकादमिक सहयोग और मजबूत किया जाएगा। वहीं, डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर पूजा जुनेजा ने कहा कि विदेशी छात्रों का एसकेडी विश्वविद्यालय परिवार का हिस्सा बनना गर्व की बात है। विश्वविद्यालय प्रत्येक अंतरराष्ट्रीय छात्र-छात्रा को सुरक्षित, समावेशी, बहुसांस्कृतिक और विश्वस्तरीय शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, भविष्य में विभिन्न देशों के शैक्षणिक संस्थानों के साथ छात्र एवं शिक्षक विनिमय कार्यक्रम, संयुक्त शोध परियोजनाएं और अंतरराष्ट्रीय अकादमिक गतिविधियों का विस्तार किया जाएगा। इससे छात्र-छात्राओं को वैश्विक अवसर मिलेंगे और एसकेडी विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय पहचान और अधिक मजबूत होगी।
