-जिले के 2.14 लाख किसानों को 42.80 करोड़ रुपये हस्तांतरित
हनुमानगढ़। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत शुक्रवार को 22वीं किश्त जारी की गई। इस अवसर पर नरेंद्र मोदी ने असम के गुवाहाटी से देशभर के किसानों के बैंक खातों में सीधे राशि हस्तांतरित की। हनुमानगढ़ जिले में इस अवसर पर भू अभिलेखागार भवन में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य कार्यक्रम और राज्य स्तरीय कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिले के लगभग 2 लाख 14 हजार किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से 42 करोड़ 80 लाख रुपये की राशि सीधे जमा कराई गई।

इस मौके पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भजनलाल शर्मा भी शामिल हुए। वहीं जिला स्तरीय कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और किसानों की उपस्थिति रही। केंद्र सरकार द्वारा जारी इस किश्त के माध्यम से देशभर के पात्र किसानों के खातों में कुल 18,650 करोड़ रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित की गई है। योजना का उद्देश्य किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उनकी आय में वृद्धि करना और कृषि कार्यों में सहयोग देना है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

यह राशि तीन समान किश्तों में किसानों के बैंक खातों में सीधे भेजी जाती है। इसके अतिरिक्त राजस्थान सरकार द्वारा किसानों को अतिरिक्त राहत देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के सभी पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 3 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जा रही है।

जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव, जनप्रतिनिधि प्रमोद डेलू, अमित चौधरी, पूर्व विधायक धर्मेंद्र मोची, ओम सोनी, संजय शर्मा, एसडीएम मांगीलाल सुथार, सहकारी समितियों के उप रजिस्ट्रार अमिलाल सहारण, कृषि संयुक्त निदेशक प्रमोद यादव, राजेंद्र लदोईया तथा शैलेन्द्र गुप्ता सहित सहकारी समितियों के सदस्य और किसान उपस्थित रहे। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत के बाद अब तक 21 किश्तें जारी की जा चुकी हैं। 22वीं किश्त जारी होने के साथ ही लाखों किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता का लाभ मिल रहा है, जिससे कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
