रावतसर। पीएम श्री राजकीय माध्यमिक विद्यालय, रावतसर में आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) शिविर का शुक्रवार को उत्साह, प्रेरणा और सामूहिक सहभागिता के साथ भव्य समापन हुआ। शिविर के अंतिम दिन विविध शैक्षणिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसने विद्यार्थियों को ज्ञान, सहयोग और जिम्मेदारी का संदेश दिया। समापन दिवस की शुरुआत विद्यार्थियों के लिए आयोजित ज्ञानवर्धक सत्रों से हुई। इस दौरान उपप्रधानाचार्य रायसिंह और सुरेश कुमार ने स्वयंसेवकों को व्यावसायिक शिक्षा के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल पारंपरिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक कौशल भी विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके मार्गदर्शन से छात्रों को अपने भविष्य को लेकर नई दिशा और प्रेरणा मिली। शिविर की विशेषता सामूहिक भोजन रहा, जिसमें स्वयंसेवकों ने मिलकर हलवा, कढ़ी और चपाती तैयार की। इस भोजन को विद्यालय के समस्त स्टाफ और विद्यार्थियों के साथ साझा किया गया। सामूहिक श्रम और सहभागिता का यह दृश्य आपसी सहयोग, भाईचारे और एकजुटता का सुंदर उदाहरण बना। भोजन के उपरांत उपप्रधानाचार्य पूनम और किरण ने “जल स्रोतों का रखरखाव” विषय पर प्रेरक उद्बोधन दिया।

उन्होंने विद्यार्थियों को जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि जल प्रकृति की अनमोल धरोहर है और इसका संरक्षण हर नागरिक की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम अधिकारी अनिल बिश्नोई ने वर्तमान डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को साइबर क्राइम और साइबर फ्रॉड से बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग, व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा और ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने के लिए आवश्यक सावधानियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। संस्था प्रधान सत्यदेव राठौड़ ने अपने संबोधन में एनएसएस की गतिविधियों और उसके उद्देश्यों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से नए शैक्षणिक सत्र में अधिक से अधिक नामांकन बढ़ाने का आह्वान किया और विद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक व सहशैक्षणिक सुविधाओं के बारे में भी बताया। शिविर के सफल आयोजन में व्याख्याता अल्का, अरविन्द कुमार, सतीश कुमार, रमेश कुमार, दीपक शर्मा, अजय प्रताप सिंह, उमेश कुमार, भगत सिंह डूडी, रेणु और राजीव कुमार का विशेष सहयोग रहा। समापन अवसर पर स्वयंसेवकों द्वारा आउटडोर और इनडोर खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन गतिविधियों ने टीम भावना, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा दिया। सात दिनों तक चले इस शिविर ने विद्यार्थियों में सामाजिक सेवा, सहयोग और जिम्मेदारी के संस्कारों को और मजबूत किया।
संवाददाता- नरेश
