चारणवासी/फेफाना। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर द्वारा आयोजित माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक परीक्षाएं शुक्रवार को फेफाना क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गईं। क्षेत्र के सबसे पुराने परीक्षा केंद्र राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, फेफाना में परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की गई। अतिरिक्त केंद्राधीक्षक एवं प्रधानाचार्य श्योकत अली ने बताया कि इस केंद्र पर माध्यमिक परीक्षा के लिए कुल 110 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जबकि उच्च माध्यमिक परीक्षा में 77 परीक्षार्थियों का पंजीयन हुआ। माध्यमिक परीक्षा के दौरान प्रत्येक प्रश्नपत्र में 107 परीक्षार्थी उपस्थित रहे। परीक्षार्थियों की बैठक व्यवस्था विद्यालय के तीन बड़े कक्षों में की गई तथा प्रत्येक परीक्षा दिवस पर छह वीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई। इसी ग्राम में संचालित दूसरे परीक्षा केंद्र राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में माध्यमिक परीक्षा के लिए 99 तथा उच्च माध्यमिक परीक्षा के लिए 127 परीक्षार्थी पंजीकृत रहे। ग्रामीणों और शिक्षाविदों ने वर्तमान व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए बताया कि लगभग 15 वर्ष पूर्व यह क्षेत्र केवल एक ही परीक्षा केंद्र—राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, फेफाना—के अंतर्गत आता था, जहां रतनपुरा, पदमपुरा, रामसरा, मलवानी और गुड़िया सहित आसपास के गांवों के 400 से 500 विद्यार्थी एक साथ परीक्षा देते थे। उस समय बालिका विद्यालय का शिक्षण कार्य भी निर्बाध रूप से चलता था। वर्तमान में परीक्षार्थियों की संख्या कम होने के बावजूद दो अलग-अलग परीक्षा केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जिससे संसाधनों का बंटवारा हो रहा है और शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2010 के बाद राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में आठ नए बड़े कमरों का निर्माण हो चुका है और बोर्ड के नियमानुसार इसकी क्षमता अब भी 350 से 450 परीक्षार्थियों की है। ऐसे में एक ही परीक्षा केंद्र पर्याप्त है। दो केंद्र होने से एक विद्यालय की पढ़ाई लगभग एक माह तक बाधित रहती है। विशेषकर कक्षा एक से पांच तक के छोटे बच्चे लंबी छुट्टियों के कारण पढ़ाई से दूर हो जाते हैं। इसके अलावा, शिक्षा विभाग पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ और प्रशासनिक कार्यभार भी बढ़ता है। उड़न दस्तों की रिपोर्ट में भी कई बार यह टिप्पणी की जा चुकी है कि फेफाना में एक ही परीक्षा केंद्र पर्याप्त है। परीक्षा केंद्रों के आवंटन पर भी आपत्तियां जताई जा रही हैं। ग्रामीणों का सुझाव है कि यदि फेफाना के ग्रामोत्थान विद्यालय का केंद्र फेफाना में ही तथा पदमपुरा के निजी विद्यालय का केंद्र गुड़िया में किया जाए, तो परीक्षार्थियों को अधिक सुविधा मिलेगी और परीक्षा व्यवस्था अधिक सुदृढ़ हो सकेगी।
