हनुमानगढ़। श्री खुशालदास विश्वविद्यालय में पिछले दो वर्षांे से फॉरेंसिक साइंस की पढ़ाई कराई जा रही है, जो विद्यार्थियों के लिए करियर के नए अवसर खोल रही है। आज के समय में विद्यार्थी अपने करियर को लेकर गंभीर तो हैं, लेकिन सही दिशा और स्पष्टता की कमी रहती है। 12वीं साइंस (मेडिकल व नॉन-मेडिकल) के अधिकांश छात्र डॉक्टर या इंजीनियर बनने की इच्छा रखते हैं, लेकिन सीमित सीटों के कारण सभी का चयन संभव नहीं हो पाता। ऐसे में विद्यार्थी सामान्य बीएससी की ओर रुख कर लेते हैं, जबकि वर्तमान समय प्रोफेशनल कोर्सेज का है, जिनमें बेहतर रोजगार की संभावनाएं उपलब्ध हैं। श्री खुशालदास विश्वविद्यालय के डिपार्टमेंट ऑफ फॉरेंसिक साइंस एंड साइबर फॉरेंसिक्स की विभागाध्यक्ष शालिनी चौहान ने बताया कि फॉरेंसिक साइंस एक उभरता हुआ क्षेत्र है।

किसी भी अपराध की जांच में फॉरेंसिक टीम महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस क्षेत्र में अध्ययन करने वाले विद्यार्थी भविष्य में सीबीआई, सीआईडी, सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री व स्टेट फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री जैसे संस्थानों में करियर बना सकते हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि रियल क्राइम सीन पर भी ले जाकर प्रैक्टिकल जानकारी दी जाती है, जिससे उन्हें वास्तविक कार्यप्रणाली समझने का अवसर मिलता है। विश्वविद्यालय में बीएससी फॉरेंसिक साइंस (3+1 वर्ष) प्रमुख कोर्स है, जिसमें 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी प्रवेश लेकर स्नातक कर सकते हैं। इसके बाद विद्यार्थी मास्टर्स कोर्स में भी प्रवेश ले सकते हैं। साथ ही पीजी डिप्लोमा की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके अलावा 12वीं पास विद्यार्थियों के लिए डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट कोर्स भी संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें प्रवेश लेकर विद्यार्थी फॉरेंसिक एवं साइबर फॉरेंसिक्स के क्षेत्र में अपना भविष्य संवार सकते हैं। शालिनी चौहान ने बताया कि जयपुर के अलावा आसपास के जिलों में इस तरह की सुविधा सीमित है, ऐसे में हनुमानगढ़ के विद्यार्थियों के लिए यह एक बेहतर अवसर है। उन्होंने कहा कि साइंस व मैथ्स के विद्यार्थी इस क्षेत्र में उत्कृष्ट करियर बना सकते हैं। वर्तमान में प्रवेश प्रक्रिया जारी है।
