चारणवासी: क्षेत्र में बीती रात बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली की चमक ने किसानों की धड़कनें बढ़ा दीं। हालांकि बारिश नहीं हुई, जो एक तरह से राहत की बात रही, लेकिन इसके साथ चली तेज शीतलहर ने किसानों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। इस समय खेतों में सरसों की फसल कटाई के लिए तैयार खड़ी है और कई जगहों पर कटाई का काम भी जारी है, वहीं गेहूं की फसल भी अपने पूरे विकास चरण में है। किसानों का कहना है कि तेज हवाओं और शीतलहर के कारण फसलों के जमीन पर बिछने (लॉजिंग) की आशंका बढ़ गई है।

ऐसा होने पर दानों की गुणवत्ता के साथ-साथ पैदावार पर भी असर पड़ सकता है। वहीं यदि सामान्य बारिश की जगह अतिवृष्टि या ओलावृष्टि होती है, तो सरसों, गेहूं, जौ और चना जैसी रबी फसलों को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। इसी संभावित खतरे को देखते हुए किसानों ने खेतों में सरसों की कटाई का काम तेज कर दिया है, ताकि मौसम के अगले प्रहार से पहले फसल को सुरक्षित समेटा जा सके। विशेष रूप से वे गेहूं की फसलें, जिनकी बढ़वार अधिक हो चुकी है, तेज हवाओं के प्रति अधिक संवेदनशील मानी जा रही हैं। किसान फिलहाल मौसम के रुख पर नजर बनाए हुए हैं और ईश्वर से फसलों की सुरक्षा की कामना कर रहे हैं।
