– डबली बास पेमा में दो साल से बिजली समस्या का आरोप, टूटे-झुके पोल नहीं बदले और नए कनेक्शन भी नहीं मिलने से रोष
हनुमानगढ़। डबली बास पेमा, भांभूवाली ढाणी और चक 12 जेआरके के ग्रामीणों ने बिजली संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं होने से शुक्रवार को डबली बास पेमा स्थित बिजली घर पर धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में पिछले करीब दो साल से विद्युत व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं, लेकिन बार-बार शिकायत के बावजूद समाधान नहीं किया जा रहा। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में कहीं विद्युत पोल टूटे हुए हैं तो कहीं झुके हुए हैं। इसके बावजूद नए पोल नहीं लगाए जा रहे। 11 हजार वोल्ट की सिंगल लाइन के क्षतिग्रस्त पोल भी नहीं बदले गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वीकृत ट्रांसफार्मर भी समय पर नहीं लगाए जा रहे तथा नए विद्युत कनेक्शन जारी करने में भी परेशानी आ रही है। ग्रामीणों के अनुसार उनके चक में लगी डीपी हर 10-12 दिन में ट्रिप हो जाती है। डीपी ट्रिप होते ही बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है। लाइनमैन को सूचना देने के बाद भी कई बार समस्या का समाधान तत्काल नहीं होता और ग्रामीणों को रातभर अंधेरे में रहना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि गुरुवार रात भी डीपी बार-बार ट्रिप होने के कारण करीब 150 घरों में पूरी रात बिजली गुल रही। लाइनमैन को बुलाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका। गर्मी के मौसम में रातभर बिजली बंद रहने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के जेईएन अमनदीप सिंह पर फोन नहीं उठाने और शिकायत करने पर संतोषजनक जवाब नहीं देने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि फोन अटेंड करने पर भी कथित रूप से अभद्र तरीके से बात की जाती है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई। ग्रामीणों ने कहा कि लगातार समस्याओं के बावजूद सुनवाई नहीं होने से उनके सामने धरना देने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा। उन्होंने मांग की कि डीपी को तत्काल बदला जाए, टूटे व झुके विद्युत पोलों को बदला जाए तथा लंबित विद्युत कनेक्शन एवं स्वीकृत ट्रांसफार्मर लगाने की कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक डीपी नहीं बदली जाती अथवा बिजली विभाग के उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचकर संतोषजनक जवाब नहीं देते, तब तक धरना जारी रहेगा। धरने में विजय सिंह, उज्जैन बेनीवाल, परवीन, राकेश, कर्ण ज्याणी, रामलाल ज्याणी, इंदर बंगलिया, रामकुमार, हरिलाल, सुरेंद्र पंवार, विनोद, मनोहर जाखड़, अमित और मनीष सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
