हनुमानगढ़। राजस्थान सरकार की ओर से एमएसपी खरीद पर 150 रुपए प्रति क्विंटल अतिरिक्त बोनस की घोषणा के बाद पड़ोसी राज्यों से गेहूं लाकर हनुमानगढ़ मंडी में बेचने की शिकायतों पर प्रशासन सतर्क हो गया है। जिला प्रशासन स्तर पर इसकी जांच के लिए गठित कमेटी ने सोमवार को एडीएम उम्मेदीलाल मीणा के नेतृत्व में जंक्शन स्थित धानमंडी क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कृषि विपणन विभाग के उप निदेशक विष्णुदत्त शर्मा भी टीम के साथ मौजूद रहे। टीम को शैड के नीचे कई जगह गेहूं के ढेर मिले, जिनके बिल और बिल्टी आदि की जांच की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कुछ गेहूं बाजार दर पर बेचा गया है, जबकि यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इस गेहूं को एमएसपी पर बेचने का प्रयास तो नहीं किया गया।

एडीएम उम्मेदीलाल मीणा ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि कुछ व्यापारी अन्य राज्यों से गेहूं लाकर एमएसपी और राज्य सरकार के बोनस का अनुचित लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। इसी के मद्देनजर धानमंडी का निरीक्षण किया गया और कुछ फर्मां की भी जांच की गई। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ लोगों ने पुराना गेहूं बाजार दर पर बेचा है, जबकि एक-दो मामलों में अन्य जिलों से गेहूं लाकर यहां स्टोर करने की बात भी सामने आई है। इसके अलावा कुछ स्थानों पर कृषि जिंस सूखी होने के बावजूद उसे फैलाकर प्लेटफॉर्म पर कब्जा करने का प्रयास किया गया। इस पर संबंधित व्यापारियों को नोटिस जारी कर सख्त हिदायत दी गई है कि वे मंडी में रखी जिंस को उठाकर प्लेटफॉर्म खाली करें, अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एडीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि बाहरी राज्यों से गेहूं लाकर एमएसपी पर बेचने की शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
