हनुमानगढ़। खुले आसमान के नीचे सर्द रातें गुजारने वाले बेसहारा नागरिकों की मदद के लिए श्री ओम बन्ना टाइगर फोर्स ने हाथ बढ़ाए हैं। समिति सदस्यों की ओर से रविवार की दोपहर व रात्रि को जंक्शन शहर के फुटपाथ, रेलवे ओवरब्रिज, रेलवे स्टेशन बाउंड्री वॉल, बस स्टैंड सहित अन्य जगहों पर खुले में बैठे जरूरतमंद नागरिकों को कंबल वितरण किए गए। बस स्टैंड में संचालित रैन बसेरे में आश्रय पाने वाले जरूरतमंद महिलाओं और पुरुषों को भी सर्दी से बचाने के लिए कंबल का वितरण किया गया। टाउन थाना प्रभारी अशोक बिश्नोई, संगठन के प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रदीप पाल, जिलाध्यक्ष अजय सिंह राणा भी इस दौरान मौजूद रहे।

इस मौके पर टाउन पुलिस थाना प्रभारी अशोक बिश्नोई ने कहा कि संगठन के सदस्यों ने नेक कार्य हाथ में लिया है। इसके लिए वे साधुवाद के पात्र हैं। अन्य संगठनों को भी इस तरह की मुहिम में हाथ बंटाना चाहिए। प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रदीप पाल ने कहा कि मनुष्य के जीवन की सार्थकता तब है, जब वह गरीब और असहायों की सेवा करे। मानव जीवन का यही सबसे बड़ा कर्तव्य है। जो लोग ऐसा करते हैं, वे इंसानियत की मिसाल पेश करते हैं। समाज में आपसी भाइचारे के लिए समाज के अग्रणी व प्रतिष्ठित लोगों को सदैव आगे रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस बात की खुशी है कि हमारी समिति इस कार्य में अपना योगदान दे रही है। इस क्रम में खुले आसमान के नीचे गुजर-बसर करने वाले दर्जनों बेसहारा नागरिकों को कंबल वितरण करने का अभियान हाथ में लिया है।

जिलाध्यक्ष अजय राणा ने बताया कि दानदाताओं के सहयोग से प्रथम चरण में करीब 100 कंबल वितरित किए जा रहे हैं। फोर्स की ओर से जंक्शन और टाउन शहर में खुले आसमान में गुजर-बसर करने वाले बेसहारा नागरिकों को चिह्नित कर कड़ाके की ठंड से बचाने के लिए कंबल का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में ठंड का प्रकोप और बढ़ने की संभावना है। फोर्स की ओर से दानदाताओं के सहयोग से भविष्य में जिले भर में जरूरतमंदों को गर्म वस्त्रों का वितरण किया जाएगा। उन्होंने भी कहा कि मानव सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है। इसलिए उन असहाय व निर्धन लोगों के बीच कंबल का वितरण किया जा रहा है। जिनके पास इस कंपकंपाती ठंड में भी तन ढकने के लिए सही से कपड़े नहीं रहते हैं।

ऐसा कर खुद को आत्मसंतुष्टि मिलती है, क्योंकि साधन सम्पन्न लोग तो अपने संसाधनों से गर्म कपड़े जुटा लेते हैं। लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लिए एक अदद कंबल खरीदने के लिए काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। पवन बरोड कहा कि जरुरतमंद, आर्थिक रूप से कमजोर व लाचार व्यक्ति के लिए कड़ाके की सर्दी में कंबल एक सेतु का कार्य करता है। कड़ाके की ठंड में जरूरतमंद का सहारा बनकर उनकी मदद करने से बढ़कर कोई परोपकार का कार्य नहीं है। ऐसे कार्य के लिए और लोगों को भी आगे आने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि समिति ने कंबल वितरण कर खुले आसमान के नीचे रात गुजारते बेसहारा लोगों को यह एहसास दिलाया है कि समाज में मानवता खत्म नहीं हुई है। इस मौके पर सरजीत ढील, गोरु सिंह सोलंकी, हनुमान सैन सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
