हनुमानगढ़। भटनेर जौहर स्मृति संस्थान की ओर से रविवार, 4 अक्टूबर को टाउन स्थित भटनेर दुर्ग के समीप स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (फोर्ट) के खेल मैदान में पहली बार भटनेर जौहर स्मृति महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन को लेकर शनिवार को संस्थान की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें अभिमन्यु सिंह राजवी ने हनुमानगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रवासियों से रविवार शाम 4 बजे कार्यक्रम में पहुंचकर आयोजन को सफल बनाने का आह्वान किया। अभिमन्यु सिंह राजवी ने बताया कि महोत्सव का उद्देश्य आमजन को भटनेर दुर्ग एवं भटनेर नगरी के गौरवशाली इतिहास से परिचित करवाना तथा दुर्ग के इतिहास से जुड़ी जौहर वीरांगनाओं की स्मृति में श्रद्धांजलि अर्पित करना है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के इतिहास में चित्तौड़ दुर्ग, कुंभलगढ़ दुर्ग और आमेर दुर्ग सहित अनेक ऐतिहासिक दुर्गांे को प्रमुखता मिली है, लेकिन उनके अनुसार भटनेर दुर्ग के इतिहास के साथ अभी तक अपेक्षित रूप से न्याय नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि भटनेर दुर्ग पर विभिन्न कालखंडों में अनेक आक्रमण हुए। दुर्ग के इतिहास में दो प्रमुख जौहर की घटनाओं का उल्लेख मिलता है।

पहला जौहर तैमूर के आक्रमण के समय और दूसरा कामरान के आक्रमण के समय हुआ। महोत्सव के माध्यम से इन जौहर वीरांगनाओं की स्मृति में श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। अभिमन्यु सिंह राजवी ने बताया कि हिन्दुस्तान के ऐतिहासिक दुर्गांे में भटनेर दुर्ग का अपना विशिष्ट इतिहास रहा है। उन्होंने कहा कि यहां हुए युद्धों और वीरांगनाओं के बलिदान की गाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से पहली बार भटनेर जौहर स्मृति महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। संस्थान के अध्यक्ष विजय सिंह ने बताया कि कार्यक्रम में केन्द्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़, पूर्व कैबिनेट मंत्री नरपत सिंह राजवी, विधायक महंत बाबा बालकनाथ तथा इतिहासविद् राजवीर सिंह चलकोई सहित अन्य अतिथि मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम श्रीश्री 108 श्री आलोक गिरी महाराज के सानिध्य में आयोजित होगा। संस्थान के सचिव प्रताप सिंह शेखावत ने बताया कि कार्यक्रम शाम 4 बजे शुरू होगा और शाम 7 बजे तक चलेगा। इसके बाद शाम 7.15 बजे भटनेर दुर्ग के प्रांगण में स्थित जौहर स्थल पर आगंतुक अतिथियों एवं आमजन की ओर से जौहर वीरांगनाओं को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। संस्थान पदाधिकारियों ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में पहुंचकर भटनेर दुर्ग के इतिहास एवं जौहर वीरांगनाओं की स्मृति को सम्मान देने का आह्वान किया।
