हनुमानगढ़। भाखड़ा रेगुलेशन कमेटी की बैठक बुधवार को जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव की अध्यक्षता में जिला कलक्ट्रेट परिसर में हुई। बैठक में कमेटी के सदस्यों, किसान संगठनों के प्रतिनिधियों और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। कम बारिश के कारण डैम में पानी की कम उपलब्धता को देखते हुए किसानों से कम पानी वाली फसलों जौ और सरसों की अधिकाधिक बिजाई करने की अपील की गई। बैठक में तय किया गया कि 15 दिसंबर 2026 तक 1200 क्यूसेक के हिसाब से पानी का रेगुलेशन किया जाएगा। इसके तहत एक सप्ताह पानी बंद और एक सप्ताह पानी चलाया जाएगा। इसके बाद पानी को 850 क्यूसेक किया जाएगा और तीन बारियां देने के बाद पुन: 1200 क्यूसेक किया जाएगा। अंतिम बारी भी 1200 क्यूसेक के हिसाब से देने की बात कही गई। बीके-100 अध्यक्ष केसी गोदारा ने बताया कि सिंचाई विभाग भाखड़ा में पानी की मात्रा 1200 से घटाकर 850 क्यूसेक करना चाहता था, लेकिन किसान संगठनों के प्रयासों के बाद 15 दिसंबर तक 1200 क्यूसेक के हिसाब से पानी देने पर सहमति बनी। उन्होंने कहा कि दिसंबर में रिव्यू बैठक आयोजित कर आगे के पानी का वितरण तय किया जाए। पानी उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में किसान आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। गोदारा ने कहा कि इस बार भाखड़ा डैम के कैचमेंट एरिया में बारिश कम होने से हालात खराब हैं। ऐसे में किसानों को कम पानी वाली फसलों की बिजाई करनी चाहिए। साथ ही रबी फसल के लिए अधिक से अधिक सिंचाई पानी उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जाएंगे। भाखड़ा प्रोजेक्ट चेयरमैन मनप्रीत सिंह ने कहा कि डैम में पिछले वर्षों के मुकाबले पानी की मात्रा कम है। सरकार की ओर से किसानों को अधिक से अधिक सिंचाई पानी उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की पिछली तीन-चार फसलें प्रभावित हुई हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। पानी के अभाव में किसान केसीसी तक नहीं भर पा रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग के अनुसार किसानों को सिंचाई पानी उपलब्ध करवाने की दिशा में प्रभावी प्रयास करने की मांग की।
