हनुमानगढ़। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा अनाज मंडी, हनुमानगढ़ जंक्शन में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन का शुभारंभ विधिवत पूजन के साथ हुआ। शहर के प्रतिष्ठित नागरिकों और श्रद्धालुओं ने सामूहिक पूजन में भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया। कार्यक्रम में मुख्य यजमान के रूप में रमन गर्ग, सुमंत गर्ग, विजय कुमार (सूरज मोटर्स), भगवान दास गर्ग एवं गुलाब चंद सहित उनके परिवारजन उपस्थित रहे और पवित्र भागवत महापुराण का आशीर्वाद प्राप्त किया। कथा व्यास, आशुतोष महाराज की शिष्या भागवत भास्कर साध्वी भाग्यश्री भारती जी ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं के साथ भक्त ध्रुव और महर्षि दधीचि की प्रेरणादायक कथाओं का मार्मिक वर्णन किया।

साध्वी जी ने भक्त ध्रुव की कथा के माध्यम से बताया कि एक बालक ने अटूट श्रद्धा, कठोर तपस्या और अडिग संकल्प से भगवान विष्णु को प्रसन्न कर अचल पद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि भक्ति के मार्ग में उम्र, जाति या कुल कोई बाधा नहीं, बल्कि निष्काम प्रेम और समर्पण ही भगवान तक पहुंचने का सच्चा माध्यम है। महर्षि दधीचि के त्याग का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि किस प्रकार उन्होंने देवताओं और मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का त्याग कर दिया, ताकि उनकी अस्थियों से वज्र अस्त्र बनाया जा सके। इस प्रसंग के माध्यम से युवाओं को परोपकार, राष्ट्रहित और सेवा भाव अपनाने की प्रेरणा दी गई।

साध्वी भाग्यश्री भारती ने आधुनिक जीवनशैली पर भी प्रकाश डालते हुए सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह जानकारी का अच्छा माध्यम है, लेकिन इसके अत्यधिक उपयोग से पारिवारिक और सामाजिक रिश्ते कमजोर हो रहे हैं। उन्होंने युवाओं को स्क्रीन टाइम कम कर परिवार के साथ समय बिताने की सलाह दी। कथा श्रवण के लिए प्रेम गर्ग, प्रहलाद शर्मा, हंस चितंलागिया, राधेश्याम सिंगला, जगन्नाथ भूतना, राजेंद्र चौधरी, विजय कौशिक, मनीष कौशिक, विष्णु दत्त शर्मा (उपनिदेशक, कृषि उपज मंडी), टोनी गुप्ता, राजेश खदरिया, अनुराग बंसल, महेन्द्रपाल, सुनीता, ईश्वर कर्मचंदानी, पवन बंसल, विशु वाट्स, रमेश गुंबर, पृथ्वी राज गोदारा सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने भाग लेकर व्यास पीठ से आशीर्वाद ग्रहण किया।

संस्थान के प्रवक्ता स्वामी सुखदेवानंद जी ने बताया कि यह कथा 16 से 22 मार्च तक प्रतिदिन सायं 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिदिन लंगर-भंडारे की व्यवस्था भी की जा रही है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से परिवार सहित कथा में भाग लेने की अपील की।
