हनुमानगढ़। जिले में भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के साथ ही जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होने लगा है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है। लोग जरूरी कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं, जबकि सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक लू के थपेड़ों ने हालात और कठिन बना दिए हैं। गर्मी का असर अब स्वास्थ्य सेवाओं पर भी साफ दिखाई देने लगा है। अस्पतालों और स्वास्थ्य केन्द्रों में उल्टी-दस्त, डिहाइड्रेशन और लू से संबंधित शिकायतों वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। विशेष रूप से बच्चे और बुजुर्ग गर्मी की चपेट में अधिक आ रहे हैं। लाल चौक के निकट स्थित कैनाल कॉलोनी सीएचसी की मेडिकल ऑफिसर एवं पीडियाट्रीशियन डॉ. प्रवीण कुमारी ने बताया कि वर्तमान में क्षेत्र में तेज लू चल रही है, जिसके कारण अस्पताल में उल्टी-दस्त और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। अस्पताल में आने वाले मरीजों में 4-5 वर्ष के बच्चों से लेकर 50-55 वर्ष तक के लोग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी के दौरान सबसे अधिक सावधानी सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक बरतने की आवश्यकता है। इस समय अत्यधिक गर्मी और लू का प्रभाव रहता है, इसलिए लोगों को बेवजह घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। यदि किसी जरूरी कार्य से बाहर जाना पड़े तो पूरे शरीर को ढककर निकलें तथा लगातार पानी पीते रहें।

डॉ. प्रवीण कुमारी ने कहा कि उल्टी-दस्त या शरीर में पानी की कमी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। घरों में ओआरएस के पैकेट रखना लाभदायक हो सकता है। शरीर में पानी की कमी को दूर करने के लिए नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और ओआरएस का घोल नियमित रूप से लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। खाने-पीने की वस्तुओं को ढककर रखें, बच्चों के नाखून समय-समय पर काटें और उन्हें बाहर की चटपटी व खुली खाद्य सामग्री खाने से रोकें। कई मामलों में संक्रमण के कारण उल्टी-दस्त की शिकायत सामने आती है। गंभीर स्थिति होने पर मरीजों को ड्रीप भी लगानी पड़ती है।
सीएचसी में बनाया गया ओआरएस काउंटर
डॉ. प्रवीण कुमारी ने बताया कि कैनाल कॉलोनी सीएचसी में आने वाले मरीजों को ओआरएस के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। इसके लिए विशेष ओआरएस काउंटर बनाया गया है। मरीजों और परिजनों को यह भी समझाया जा रहा है कि एक ओआरएस पैकेट को पूरे एक लीटर पानी में घोलकर उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बच्चों और बुजुर्गांे के बीमार होने की आशंका सबसे अधिक रहती है। ऐसे में परिवारों को उनके खानपान, पानी के सेवन और धूप से बचाव पर विशेष ध्यान देना चाहिए। भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान ने एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। चिकित्सकों ने लोगों से सतर्क रहने, पर्याप्त पानी पीने और लू से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है, ताकि गर्मी जनित बीमारियों से बचा जा सके।
