– अटल भूजल योजना के तहत बनी 829 डिग्गियों का भुगतान डेढ़ साल बाद भी लंबित
हनुमानगढ़। अटल भूजल योजना के तहत वर्ष 2024-25 में निर्मित डिग्गियों की अनुदान राशि जारी नहीं होने और लंबे समय से भुगतान लंबित रहने से नाराज किसानों का गुस्सा मंगलवार को जिला कलक्ट्रेट पर फूट पड़ा। प्रभावित किसानों ने विरोध प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि जल्द ही लंबित अनुदान राशि जारी नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान आयोजित सभा में किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से डिग्गियों का निर्माण करवाया गया, लेकिन डेढ़ साल बीतने के बाद भी किसानों को एक रुपए का भुगतान नहीं मिला है। इससे किसान आर्थिक संकट में फंस गए हैं और उन पर कर्ज व ब्याज का बोझ लगातार बढ़ रहा है। किसान नेता रेशम सिंह माणुका ने कहा कि वर्ष 2024-25 में अटल भूजल योजना के तहत डिग्गियों के लिए स्वीकृतियां (एएस) जारी की गईं और किसानों से डिग्गियों का निर्माण करवाया गया। एएस जारी होने का मतलब होता है कि सरकार के पास बजट उपलब्ध है, लेकिन अब 18 माह से अधिक समय बीतने के बाद भी किसानों के खातों में अनुदान राशि नहीं पहुंची। उन्होंने कहा कि किसानों ने डिग्गियों की मांग नहीं की थी, बल्कि विभाग की ओर से प्रक्रिया पूरी कर निर्माण करवाया गया। इसके बावजूद लगातार यह कहा जा रहा है कि बजट नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अन्य कार्यक्रमों पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, लेकिन हनुमानगढ़ और संगरिया तहसील क्षेत्र के किसानों की लगभग ढाई करोड़ रुपए की अनुदान राशि जारी नहीं की जा रही। रेशम सिंह माणुका ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर दो बार प्रदर्शन कर ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

अब किसान आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं और अनुदान राशि जारी करवाकर ही घर लौटेंगे। वहीं किसान प्रतिनिधि सुभाष गोदारा ने कहा कि वर्ष 2024-25 में फरवरी-मार्च के दौरान किसानों से गेहूं, सरसों और चना की फसल वाले खेतों में डिग्गियां बनवाई गईं। एक डिग्गी के लिए करीब आधा बीघा भूमि में निर्माण हुआ और आसपास की भूमि में मिट्टी डाली गई, जिससे खेती योग्य जमीन भी प्रभावित हुई। उन्होंने बताया कि किसानों ने उधार लेकर निर्माण सामग्री जुटाई और डिग्गियां बनाईं। एक डिग्गी के निर्माण पर लगभग पांच लाख रुपए खर्च हुए, जबकि सरकार की ओर से तीन लाख रुपए अनुदान देने का प्रावधान था। लेकिन डेढ़ साल बाद भी करीब 850 डिग्गियों का भुगतान लंबित है। सुभाष गोदारा ने कहा कि मुख्यमंत्री के दौरे से पहले कृषि विभाग के अधिकारियों ने समझौता वार्ता में जल्द भुगतान का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक किसानों को एक रुपया भी नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान को हर स्तर पर परेशान किया जा रहा है और अब बड़ा आंदोलन करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
क्या कहता है कृषि विभाग?
संयुक्त निदेशक कृषि डॉ. प्रमोद यादव ने बताया कि अटल भूजल योजना के तहत वर्ष 2024-25 में जिले को 1800 डिग्गियों का लक्ष्य मिला था, जिनमें 1403 डिग्गियों का निर्माण हुआ। इनमें से 574 डिग्गियों के अनुदान का भुगतान पिछले वर्ष किया जा चुका है, जबकि 829 किसानों का भुगतान अभी लंबित है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में भी योजना के तहत नया लक्ष्य मिला, जिसके अंतर्गत 391 डिग्गियों का निर्माण हुआ है और उनका भुगतान भी अभी लंबित है। विभागीय स्तर पर इस संबंध में 10 से 12 पत्र राज्य सरकार को भेजे जा चुके हैं। डॉ. प्रमोद यादव ने बताया कि वे स्वयं जयपुर जाकर विभागीय आयुक्त को इस समस्या से अवगत करवा चुके हैं। अब दोबारा जिला कलक्टर के माध्यम से राज्य सरकार को अर्द्धशासकीय पत्र भेजा जाएगा और किसानों का भुगतान जल्द करवाने के प्रयास किए जाएंगे।
