हनुमानगढ़। संयुक्त ठेकेदार यूनियन ने भुगतान में देरी और ईंटों की बढ़ती कीमतों को लेकर आवाज उठाई है। मंगलवार को यूनियन प्रतिनिधियों ने विभिन्न विभागों के ठेकेदारों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। यूनियन ने राजकीय कार्यांे के भुगतान में हो रही देरी, ईंटों की बढ़ती कीमतों तथा निर्माण कार्यांे से जुड़ी अन्य समस्याओं के समाधान की मांग की। यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि मार्च 2026 के बाद किए गए राजकीय कार्यांे का 26 मई तक भी भुगतान नहीं हुआ है। जबकि विभिन्न विभागों की ओर से बिल भुगतान के लिए कोष कार्यालय भेजे जा चुके हैं। भुगतान संबंधी बिल करीब तीन माह से लंबित हैं, जिससे ठेकेदारों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यूनियन ने मांग की कि सभी विभागों के ठेकेदारों के बकाया बिल, ईएमडी एवं एसडी भुगतान के लिए ईसीएस प्रक्रिया की एक निश्चित समय सीमा तय की जाए ताकि बाजार में उनकी साख बनी रहे। ज्ञापन में डीजल आपूर्ति की समस्या भी उठाई गई। यूनियन का कहना है कि डीजल वितरण पर सीमा तय होने से निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। छोटे ठेकेदारों को भी प्रतिदिन 250 से 300 लीटर डीजल की आवश्यकता होती है। ऐसे में निर्माण कार्यांे की समय सीमा बिना किसी क्षतिपूर्ति के बढ़ाई जाए। इसके अलावा यूनियन ने ईंट भट्ठा संचालकों पर मनमाने दाम वसूलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अप्रैल 2026 में जिन ईंटों की कीमत 5500 रुपए प्रति हजार थी, वे अब बढ़कर 8500 रुपए प्रति हजार तक पहुंच गई हैं। साथ ही जीएसटी बिल भी जारी नहीं किए जा रहे हैं। यूनियन ने यह भी मांग उठाई कि अन्य विभागों की तरह सीएडी विभाग में भी प्राइस एस्केलेशन लागू किया जाए, क्योंकि वर्तमान में सीएडी विभाग में इसका लाभ नहीं मिल रहा है।
