हनुमानगढ़। शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी संस्थान श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय में “मंडी से मल्टीनेशनल तक निर्यात की ओर एक कदम” विषय पर आधारित बीकानेर संभाग की सर्वश्रेष्ठ, सबसे पहली और सबसे बड़ी समिट 2026 का आयोजन श्री खुशालदास विश्वविद्यालय में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक गणेशराज बंसल रहे । विशिष्ट अतिथियों में पूर्व सभापति सुमित रणंवा, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के जिला प्रचारक राधेश्याम, व्यापार मण्डल समिति के अध्यक्ष बालकिशन गोल्याण, व्यापार संघ के अध्यक्ष पदमचंद जैन, समाजसेवी देवेन्द्र अग्रवाल, तथा श्री नीलकंठ सेवा समिति के अध्यक्ष अश्वनी नारंग उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता के रूप में के.डी. सुषमा एवं अंकित जोड़ावत ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

श्री गुरू गोविंद ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री बाबूलाल जुनेजा ने अपने संबोधन में कहा कि आज का विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ का व्यापारी आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक रूप से सक्षम है। भारतमाला जैसी उत्कृष्ट कनेक्टिविटी अन्य कई शहरों में उपलब्ध नहीं है, फिर भी यदि अपेक्षित परिणाम नहीं मिल रहे हैं तो व्यापारी वर्ग को अपनी ताकत पहचानने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब हमारी स्थानीय पूंजी डॉलर में परिवर्तित होगी, तब ही जिले की वास्तविक समृद्धि सुनिश्चित होगी। इस समिट का उद्देश्य व्यापारियों को निर्यात के लिए तैयार करना है। मुख्य वक्ता के.डी. सुषमा ने अपने विस्तृत उद्बोधन में निर्यातक बनने की प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उन्होंने भारत के विभिन्न राज्यों सहित लगभग 16 देशों का दौरा किया है। उन्होंने कहा कि हम अक्सर कम उपलब्धि में संतुष्ट हो जाते हैं, जबकि निर्यात के लिए उत्पाद की गुणवत्ता, उचित मूल्य निर्धारण और विशिष्टता अत्यंत आवश्यक है। निर्यात में ‘जेनरिक’ सोच नहीं चलेगी; ऐसा उत्पाद चुनना होगा जो कम मात्रा में अधिक लाभ प्रदान करे। उन्होंने डीजीएफटी के माध्यम से उत्पादों के निर्यात संबंधी जानकारी प्राप्त करने की प्रक्रिया समझाई और कहा कि निर्यात की पूरी जानकारी, निवेश का आकलन और बाजार की समझ सफलता की कुंजी है ।

मुख्य वक्ता अंकित जोड़ावत ने भी व्यापारियों को वैश्विक बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप अपने उत्पाद और रणनीति तैयार करने का आह्वान किया। जोड़ावत ने अपने संबोधन में कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी वैश्विक बाजार में सफलता प्राप्त करने के लिए व्यापारियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और डिजिटल मार्केटिंग पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि केवल उत्पाद बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे वैश्विक उपभोक्ता की मांग के अनुरूप प्रस्तुत करना भी उतना ही आवश्यक है ।उन्होंने व्यापारियों को सलाह दी कि वे अपने उत्पाद की विशिष्टता (USP) पहचानें, निर्यात से संबंधित नियमों और प्रक्रियाओं की पूर्ण जानकारी प्राप्त करें तथा ई-कॉमर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि रणनीतिक योजना, बाजार अनुसंधान और सही नेटवर्किंग के माध्यम से स्थानीय व्यवसाय भी मल्टीनेशनल स्तर तक पहुंच सकते हैं। कार्यक्रम में जिला उद्योग केन्द्र हनुमानगढ़ के महाप्रबंधक आकाशदीप सिद्धु, दिव्या शर्मा, जयपाल जैन, राजेश गोयल, मांगीलाल जैन, सुरेन्द्र सिंगला, सुभाष सिंगला, मयंक हिसारिया, हर्षवर्धन झींझा, मोहन जैन, अमरनाथ सिंगला, लक्ष्मी नारायण सहित बड़ी संख्या में उद्योगपति एवं व्यापारी उपस्थित रहे।समिट ने बीकानेर संभाग के व्यापारियों और उद्योगपतियों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में एक सशक्त और ऐतिहासिक पहल का मार्ग प्रशस्त किया।
