हनुमानगढ़। मजदूरों पर हो रहे कथित दमन और श्रमिक अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर सीटू जिला कमेटी के नेतृत्व में गुरुवार को जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया गया। सीटू कार्यालय से जिला कलक्ट्रेट तक रोष मार्च निकाला गया, जिसमें मजदूरों, कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मजदूरों के हक में आवाज बुलंद की। कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन में देश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों-नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम सहित हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और बिहार में चल रहे मजदूर आंदोलनों पर हो रही कार्रवाई को लेकर गहरी चिंता जताई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण आंदोलनों को दबाने के लिए मजदूरों पर दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है, जिसमें गिरफ्तारियां, छापेमारी और डराने-धमकाने जैसी घटनाएं शामिल हैं। प्रदर्शन के बाद कलक्ट्रेट परिसर के बाहर सभा का आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए माकपा नेता रामेश्वर वर्मा ने कहा कि मजदूर वर्ग आज गहरे आर्थिक संकट से गुजर रहा है। बढ़ती महंगाई, कम वेतन और असुरक्षित कार्य परिस्थितियों ने श्रमिकों का जीवन बेहद कठिन बना दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारें मजदूरों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय आंदोलनों को दबाने का प्रयास कर रही हैं, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। रघुवीर वर्मा ने कहा कि ठेका श्रम प्रथा ने मजदूरों का शोषण बढ़ा दिया है, जहां समान कार्य के बावजूद समान वेतन नहीं दिया जा रहा। उन्होंने मांग की कि सभी गिरफ्तार मजदूरों और ट्रेड यूनियन नेताओं को तुरंत रिहा किया जाए और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं। साथ ही न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर 26 हजार रुपए प्रतिमाह करने, 8 घंटे के कार्यदिवस को सख्ती से लागू करने और सभी श्रमिकों को ईएसआई, पीएफ जैसी सुविधाएं देने की मांग दोहराई गई। सभा में सुल्तान खान, गुरुप्रेम सिंह और वारिस अली ने कहा कि मजदूरों का यह संघर्ष केवल अधिकारों का नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और सम्मानजनक जीवन के लिए है। यदि समय रहते सरकार ने उचित कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि मजदूरों के अधिकारों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मौके पर वली शेर, मुकद्दर अली, शिव कुमार, विनय कुमार, रिछपाल सिंह, दारा सिंह, तरसेम सिंह मौजूद रहे।
