– अनूपगढ़ दौरे से पहले नेताओं को डिटेन करने का आरोप, बिना शर्त रिहाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
हनुमानगढ़। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जिला कलक्ट्रेट के समक्ष प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अनूपगढ़ दौरे से पहले क्षेत्र के मजदूर संगठनों के नेताओं को पुलिस द्वारा डिटेन किए जाने का विरोध किया। सीपीएम नेता शेरसिंह शाक्य ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शुक्रवार को जनसमस्याएं सुनने के लिए अनूपगढ़ जिले के दौरे पर आए हैं। हनुमानगढ़ जिले के लोग भी अपनी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिलना चाहते थे, लेकिन आरोप है कि सुबह ही पुलिस ने भारत की जनवादी नौजवान सभा, खेत मजदूर यूनियन सहित विभिन्न संगठनों से जुड़े जगजीत सिंह जग्गी, वेद मक्कासर, देवीलाल और मनीराम सहित अन्य नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। शाक्य ने कहा कि मजदूर और किसान संगठनों के नेता क्षेत्र की गंभीर समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखना चाहते थे, ताकि उनका समाधान हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि नेताओं को डिटेन किए जाने से सरकार के जनता की समस्याएं सुनने के दावे पर सवाल खड़े होते हैं। प्रदर्शनकारियों ने गेहूं की सरकारी खरीद में कथित गड़बड़ी तथा हाईकोर्ट के आदेश के बाद श्रीगंगानगर जिले में जोहड़ पायतन की जमीन पर करीब डेढ़ सौ वर्षों से बसे लोगों को हटाने से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। शाक्य ने कहा कि क्षेत्र के लोग इन समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिलना चाहते थे, लेकिन नेताओं को डिटेन कर उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने सरकार पर तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता की समस्याओं को सुनने के बजाय उनके प्रतिनिधियों को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है। शाक्य ने चेतावनी दी कि यदि शुक्रवार शाम तक डिटेन किए गए उनके साथियों को बिना शर्त रिहा नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ की जनता अपने हक और अधिकारों के लिए संघर्ष करने की क्षमता रखती है और समस्याओं के समाधान के लिए आंदोलन जारी रखा जाएगा।
