हनुमानगढ़। हनुमानगढ़ स्थित मदान इंटरनेशनल स्कूल के प्रतिभाशाली छात्र अग्रस्त्य चौधरी ने अपनी वैज्ञानिक सोच और नवाचार से प्रतिष्ठित इंस्पायर–मानक अवार्ड हासिल कर विद्यालय और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से विद्यालय में खुशी और गर्व का माहौल है, वहीं अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भी उत्साह देखा जा रहा है। अग्रस्त्य चौधरी ने विज्ञान के क्षेत्र में अपनी रचनात्मक सोच और अभिनव आइडिया के माध्यम से निर्णायकों को प्रभावित किया। उन्होंने “स्मार्ट मॉइस्चर बेस्ड स्प्रिंकलर सिस्टम” नामक एक वैज्ञानिक मॉडल तैयार किया, जो कृषि क्षेत्र में पानी की बचत और बेहतर सिंचाई व्यवस्था के लिए उपयोगी माना जा रहा है। यह तकनीक आधुनिक सिंचाई प्रणाली का एक उदाहरण है, जो मिट्टी की नमी को मापकर आवश्यकता अनुसार स्वतः पानी उपलब्ध कराती है। दरअसल, आज के समय में किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती पानी की कमी और सिंचाई का सही प्रबंधन है। अग्रस्त्य के इस मॉडल में मॉइस्चर सेंसर लगाया गया है, जो लगातार मिट्टी की नमी की जांच करता रहता है। जैसे ही मिट्टी में नमी कम होती है, यह सिस्टम स्वतः सक्रिय होकर खेतों में पानी की आपूर्ति शुरू कर देता है। जब मिट्टी में पर्याप्त नमी हो जाती है, तो यह सिस्टम अपने आप बंद भी हो जाता है। इस प्रकार यह तकनीक न केवल पानी की बचत करती है, बल्कि किसानों को बार-बार सिंचाई करने की परेशानी से भी राहत देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह की तकनीकों को बड़े स्तर पर लागू किया जाए, तो कृषि क्षेत्र में जल प्रबंधन की समस्या को काफी हद तक हल किया जा सकता है। यही कारण है कि अग्रस्त्य चौधरी के इस नवाचार को निर्णायकों ने बेहद सराहा और उन्हें इस प्रतिष्ठित अवार्ड के लिए चयनित किया गया। इंस्पायर–मानक अवार्ड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अनुसंधान के प्रति रुचि विकसित करना है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से देशभर के लाखों विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत किए गए नवाचारी विचारों में से चुनिंदा मॉडलों का चयन किया जाता है। चयनित विद्यार्थियों को अपने मॉडल को आगे विकसित करने और प्रदर्शित करने का अवसर भी दिया जाता है। अग्रस्त्य चौधरी की इस उपलब्धि के साथ ही उन्हें अपने प्रोजेक्ट को आगे विकसित करने तथा आगामी जिला स्तरीय मॉडल प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए प्रोत्साहन स्वरूप 10,000 की नकद राशि भी प्रदान की जाएगी। यह राशि उनके वैज्ञानिक मॉडल को और बेहतर बनाने तथा उसे व्यवहारिक रूप देने में सहायक होगी। विद्यालय की प्राचार्या भावना मित्तल ने अग्रस्त्य चौधरी को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता पूरे विद्यालय परिवार के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि अग्रस्त्य ने यह साबित कर दिया है कि यदि विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो वे किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि विद्यालय हमेशा से ही विद्यार्थियों को विज्ञान, नवाचार और रचनात्मक गतिविधियों के लिए प्रेरित करता रहा है। विद्यालय का उद्देश्य केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित शिक्षा देना नहीं है, बल्कि छात्रों में नई सोच, प्रयोगधर्मिता और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना भी है। अग्रस्त्य की सफलता इसी दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण है। वहीं संस्था के चेयरमैन सुनील मदान ने भी अग्रस्त्य की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय के विद्यार्थी लगातार विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि अग्रस्त्य भविष्य में भी विज्ञान के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएंगे और समाज के लिए उपयोगी तकनीकों का विकास करेंगे। अग्रस्त्य चौधरी की इस शानदार सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। उनके परिवार, शिक्षकों और मित्रों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि ऐसे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की उपलब्धियां अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूल स्तर पर इस प्रकार की वैज्ञानिक प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता को सामने लाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनती हैं। इससे बच्चों में नई सोच विकसित होती है और वे वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान के लिए नए प्रयोग करने के लिए प्रेरित होते हैं। अग्रस्त्य चौधरी की यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत परिश्रम और प्रतिभा का परिणाम है, बल्कि यह इस बात का भी प्रमाण है कि सही दिशा में किया गया मार्गदर्शन विद्यार्थियों को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। निस्संदेह, अग्रस्त्य चौधरी की यह सफलता आने वाले समय में अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनेगी और विज्ञान के क्षेत्र में नए नवाचारों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
